NDA में शामिल होने की इच्छा जताते हुए तृणमूल के विद्रोही सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा है। यह पत्र काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को लिखा है। बताया जाता है कि सांसदों के साथ लंबी बातचीत के बाद ही यह पत्र लिखा गया है।
इस बारे में काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि वह लोकसभा में तृणमूल की मुख्य सचेतक हैं। इसी अधिकार से बाकी साथियों के साथ बातचीत करने के बाद जो फैसला लिया गया, उसके आधार पर ही यह पत्र लिखा।
लेकिन उन्हें तो इस पद से हटा दिया गया था? इसके जवाब में काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि एकतरफा फैसला लेकर ही ऐसा किया गया था। पार्टी की चेयरपर्सन ने वह फैसला लिया तो था लेकिन संवैधानिक और संसदीय रूपरेखा में रातोंरात ऐसे परिवर्तन नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि हमने जनादेश को स्वीकार कर लिया है और विश्वास करते हैं कि भविष्य में हमारा राजनीतिक सफर NDA के साथ सामन्जस्यपूर्ण होने वाला है। इसलिए ही लोकसभा स्पीकर से कहा गया है कि हम NDA के हिस्सेदार बनना चाहते हैं।
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विद्रोही ब्लॉक में कौन-कौन नहीं है?
मीडिया से बात करते हुए काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि सायनी घोष, महुआ मोइत्रा, सौगत राय, अभिषेक बनर्जी, सुदीप बंद्योपाध्याय, कल्याण बंद्योपाध्याय इस ब्लॉक का हिस्सा नहीं हैं।
पिछले लोकसभा चुनाव में तृणमूल को बंगाल से 29 सीटें मिली थी। इसमें से बसिरहाट सीट से लोकसभा के सांसद हाजी नुरुल इस्लाम की मौत हो चुकी है। बाकी 29 सांसदों में से 6 सांसद ऐसे हैं, जो विद्रोही ब्लॉक का हिस्सा अभी तक नहीं हैं। ये वहीं 6 सांसद हैं जिनका नाम काकोली घोष दस्तीदार ने बताया।
लेकिन क्या बाकी सभी विद्रोही ब्लॉक का हिस्सा हैं? इस बारे में काकोली घोष दस्तीदार ने कुछ स्पष्ट नहीं किया। क्या घाटाल से सांसद व एक्टर देव भी विद्रोही ब्लॉक का हिस्सा हैं? सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भुपेंद्र यादव के घर पर जो बैठक हुई थी, उसमें देव मौजूद थे।