कोलकाताः पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। विभिन्न जिलों से सामने आ रही गिरफ्तारियों के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस रफ्तार से तृणमूल नेताओं की गिरफ्तारी हो रही है, उसे देखते हुए कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भी जेल बनानी पड़ सकती है।
न्यू टाउन में भाजपा के प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जांच एजेंसियां जहां भी पहुंच रही हैं, वहां कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बीते वर्षों के दौरान कई स्तरों पर गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं और अब उनकी परतें खुल रही हैं।
कोलकाता के पार्षद की गिरफ्तारी से बढ़ी हलचल
रविवार सुबह कोलकाता नगर निगम के वार्ड-39 के पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उन पर एक नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न के पुराने मामले में आरोप हैं। शिकायतकर्ता अब वयस्क हो चुकी है। आरोप यह भी है कि हाल के दिनों में उस पर मामला वापस लेने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर मारपीट की गई। इस गिरफ्तारी के बाद कोलकाता नगर निगम के गिरफ्तार तृणमूल पार्षदों की संख्या सात पहुंच गई है।
साड़ियों के ढेर में छिपे मिले नेता
हावड़ा जिले के बसंतपुर में तृणमूल नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती की गिरफ्तारी ने दिनभर सुर्खियां बटोरीं। पुलिस कई मामलों में उनकी तलाश कर रही थी। छापेमारी के दौरान वह एक कपड़ा गोदाम में साड़ियों के बंडलों के नीचे छिपे मिले। बताया गया कि पुलिस पहले उन्हें खोज नहीं पाई थी, लेकिन एक बंडल में हलचल दिखने के बाद तलाशी ली गई और उन्हें बाहर निकाला गया।
ब्रह्मानंद पर मारपीट, धमकी, तोड़फोड़, लूटपाट और महिला उत्पीड़न सहित कई आरोप दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले कूचबिहार में भी एक तृणमूल नेता पुलिस कार्रवाई के दौरान बिस्तर के नीचे छिपा मिला था।
जमीन धोखाधड़ी मामले में भी कार्रवाई
पूर्व मेदिनीपुर जिले में जमीन से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में कांथी नगर पालिका के पूर्व पार्षद अतनु गिरी और उनके सहयोगी तथा वार्ड-7 के पूर्व पार्षद दिलीप खांडा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।
भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोपी नेता पकड़े गए
हुगली जिले के चुंचुड़ा-मगरा पंचायत समिति के वन एवं भूमि कर्माध्यक्ष और तृणमूल के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष तापस चक्रवर्ती भी कार्रवाई के घेरे में आए। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों के बीच स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
कटमनी और नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली के आरोप
मुर्शिदाबाद जिले के खड़ग्राम ब्लॉक के पद्मकांदी पंचायत क्षेत्र के पंचायत सदस्य तपन मौलिक को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर कथित रूप से पैसे वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उन पर आवास योजना, शौचालय निर्माण और जॉब कार्ड बनवाने के बदले लोगों से रकम लेने का आरोप है।
इसी जिले के सागरदिघी क्षेत्र में तृणमूल नेता अबू सईद शेख और पार्टी कार्यकर्ता तोएबा खातून को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नौकरी दिलाने के नाम पर कई महिलाओं से लाखों रुपये लेने का आरोप है। शिकायतों के अनुसार, जब एक महिला ने अपना पैसा वापस मांगा तो उसके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया।
फर्जी लॉटरी और आवास योजना में अनियमितता के आरोप
समशेरगंज में ग्राम पंचायत सदस्य फारिकुल इस्लाम को कथित फर्जी लॉटरी कारोबार से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया। वहीं धुलियान नगर पालिका के पूर्व प्रशासक और तृणमूल नेता महबूब आलम के खिलाफ आवास योजना की राशि के कथित गबन को लेकर स्थानीय लोगों ने उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। उनकी पत्नी वर्तमान में तृणमूल की पार्षद हैं।
भाजपा को मिला नया राजनीतिक मुद्दा
राज्यभर में तृणमूल नेताओं के खिलाफ हो रही लगातार कार्रवाई ने भाजपा को तृणमूल पर हमला करने का नया मौका दे दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बयान के बाद यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है। आने वाले दिनों में इन गिरफ्तारियों और आरोपों को लेकर बंगाल की राजनीति में टकराव और तेज होने के आसार हैं।