सिलीगुड़ी : पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व मंत्री और सिलीगुड़ी के पूर्व मेयर अशोक भट्टाचार्य अस्पताल में भर्ती हैं। रविवार सुबह राज्य सरकार के मंत्री शंकर घोष उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे। एक समय वामपंथी राजनीति में सक्रिय रहने के दौरान अशोक भट्टाचार्य को शंकर घोष का राजनीतिक गुरु माना जाता था। बाद में दोनों की राजनीतिक राहें अलग हो गईं, लेकिन गुरु-शिष्य के बीच का व्यक्तिगत संबंध और पारस्परिक सम्मान आज भी बरकरार है।
वरिष्ठ वामपंथी नेता अशोक भट्टाचार्य के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही शंकर घोष रविवार सुबह उनसे मिलने पहुंचे। इसी दौरान उनके मोबाइल फोन से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी अशोक भट्टाचार्य की सेहत की जानकारी ली।
शनिवार को घर में गिर जाने के कारण अशोक भट्टाचार्य घायल हो गए थे। गिरने से उनके सिर के दाहिने हिस्से और आंख के पास गंभीर चोट लगी। चिकित्सकों को वहां टांके लगाने पड़े।
दुर्घटना के बाद सबसे पहले उन्हें सिलीगुड़ी के हाकिमपाड़ा स्थित एक निजी नर्सिंग होम में ले जाया गया। बाद में डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें माटीगाड़ा के एक अन्य नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
अशोक भट्टाचार्य वाम मोर्चा शासनकाल में लंबे समय तक मंत्री रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने सिलीगुड़ी के मेयर के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। जब राज्य के विभिन्न हिस्सों में वामपंथ का जनाधार कमजोर होने लगा था, तब भी सिलीगुड़ी में वामपंथी राजनीति को मजबूत बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती रही।
अशोक भट्टाचार्य केवल उत्तर बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। वर्ष 2011 को छोड़कर वह 1991 से 2016 तक लगातार सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे।
हालांकि, वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में सिलीगुड़ी की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पहली बार वहां भाजपा का परचम लहराया और भाजपा उम्मीदवार शंकर घोष ने जीत हासिल की।
परिवार के सूत्रों के अनुसार, शनिवार को अशोक भट्टाचार्य अपने घर में बैठकर लेखन कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह फर्श पर गिर पड़े। परिवार के सदस्य तत्काल उन्हें अस्पताल लेकर गए। घटना की जानकारी मिलते ही पार्टी कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंच गए।