कोलकाता के दौरे पर आए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ नवान्न में बैठक की। इसके बाद वह कोलकाता मेट्रो के ऑरेंज लाइन पर चिंगरीघाटा प्वाएंट का जायजा लेने पहुंचे। बता दें, यह वहीं प्वाएंट है जिसका काम पिछली सरकार के दौरान विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं की वजह से करीब डेढ़ सालों से फंसा हुआ था।
लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तित होकर भाजपा की सरकार बनते ही मेट्रो प्रबंधन ने इस काम को महज 5 दिनों में पूरा कर लिया।
राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद पहली बार आए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चिंगरीघाटा मेट्रो के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पूर्व की तृणमूल सरकार पर भी निशाना साधा। रेल मंत्री ने कहा कि कोलकाता के लोगों के लिए मेट्रो बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद तृणमूल मेट्रो के काम को रोक कर रखी थी। इसके साथ ही विकास को रोक दिया गया था।
गौरतलब है कि ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ आरोप लगाया गया था कि अगर मेट्रो के काम के लिए कोलकाता के प्रमुख रास्ते ईस्टर्न बायपास के अति महत्वपूर्ण मोड़ चिंगरीघाटा को बंद किया गया तो यात्रियों को भारी मुसीबत होगी, यह दावा करते हुए मेट्रो के काम को लंबे समय से बंद रखा गया था। इस बाबत कोलकाता हाई कोर्ट में भी मामला दायर किया गया था और हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मेट्रो के काम में छूट देने का के लिए भी कहा था।
आरोप है कि इसके बावजूद राज्य सरकार ने मेट्रो का काम आगे नहीं बढ़ने दिया। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया गया जहां सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्य को यहीं आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि विकास को नहीं रोका जा सकता है। आरोप है कि इसके बावजूद राज्य सरकार ने कोई पहल नहीं की।
चिंगरीघाटा मोड़ पर मेट्रो के काम का जायजा लेते अश्विनी वैष्णव :
#WATCH | Kolkata, West Bengal: Union Railway Minister Ashwini Vaishnaw inspects the previously stalled 62-metre viaduct gap on the Kolkata Metro's Orange Line at Chingrighata metro point. pic.twitter.com/ydqkbfwXG6
— ANI (@ANI) June 6, 2026
राज्य में शुभेंदु अधिकारी की सरकार बनने के बाद चिंगरीघाटा मोड़ पर मेट्रो के काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का अनुमोदन दिया। इसके बाद ही मेट्रो भी इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए तत्पर हुई। इसे पूरा करने में मेट्रो ने महज 120 घंटे का ही समय लिया था।
इस दौरान यातायात को नियंत्रित तो किया गया था लेकिन उससे लोगों को ज्यादा मुश्किल नहीं हुई। ट्रैफिक पुलिस ने दक्षता के साथ डायवर्जन रूट से आवाजाही को सुगम बनाए रखा और परिस्थिति भी नियंत्रित रही।
मेट्रो के काम का जायजा लेने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव चिंगरीघाटा गए। रेलमंत्री ने कहा कि कोलकाता मेट्रो का काम 1972 में पहली बार शुरू हुआ था। 42 सालों में मात्र 28 किलोमीटर ही मेट्रो का विस्तार हुआ था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में पिछले 12 सालों में 45 किलोमीटर काम आगे बढ़ चुका है।
प्रधानमंत्री ने शुरुआत से ही कोलकाता मेट्रो के काम को बेहद महत्व दिया है लेकिन पूर्व की सरकार ने ऐसा नहीं किया। वे बार-बार बाधा डालते रहे।
गौरतलब है कि मेट्रो के काम को लेकर पूर्व की तृणमूल सरकार की आलोचना सिर्फ केंद्र ने ही नहीं बल्कि तृणमूल के ही पूर्व प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने भी एक इंटरव्यू के दौरान इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की।