अब रेल मार्ग से जुड़ने वाला है गंगासागर। शनिवार (6 जून) को नवान्न में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री ने अपने प्रस्ताव में रेल मंत्री से गंगासागर तक रेलवे मार्ग के विस्तार का प्रस्ताव रखा। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अगले बजट में ही इस परियोजना के लिए रेलवे आवंटन कर सकता है।
गंगासागर मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। सिर्फ गंगासागर मेला के समय ही नहीं बल्कि साल के दूसरे समय में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते रहते हैं। लेकिन गंगासागर तक पहुंचने के लिए कोई रेलमार्ग नहीं है।
सियालदह की दक्षिण शाखा से काकद्वीप या फिर नामखाना तक जाने वाली ट्रेन से काकद्वीप पहुंचना पड़ता है। फिर वहां से ऑटो अथवा टोटो से लॉट नंबर 8 घाट तक जाना पड़ता है। वहां से लॉन्च अथवा वेसल से कचुबेड़िया जाना पड़ता है जहां से फिर बस से गंगासागर पहुंचा जाता है।
वहीं अगर कोई व्यक्ति सड़क मार्ग से जाना चाहता है तो उसे कोलकाता से बस से डायमंड हार्बर होकर लॉट नंबर 8 घाट मोड़ पर पहुंचना पड़ता है। वहां से ऑटो अथवा टोटो से लॉट नंबर 8 घाट और फिर लॉन्च या वेसल से कचुबेड़िया होकर वहां से बस से गंगासागर जाया जा सकता है।
गंगासागर तक आवाजाही में काफी मुश्किलें आती हैं। खासतौर पर उम्रदराज लोगों और बच्चों को लेकर आवाजाही करने में लोगों को काफी असुविधा होती है। लेकिन अब नामखाना, काकद्वीप या फिर कचुबेड़िया होकर आवाजाही की समस्या खत्म होने वाली है।
अब रेलवे के मानचित्र पर जल्द ही गंगासागर भी जुड़ने वाला है। सूत्रों की मानें तो साल 2027 के केंद्रीय बजट से पहले ही रेल मार्ग बनाने का काम शुरू हो सकता है।
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की बैठक में केंद्रीय जहाज राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर भी मौजूद थे। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि गंगासागर तक सीधे रेल संपर्क बन जाने के बारे में बैठक में बात हुई है। इस परियोजना के प्रति मुख्यमंत्री ने अपनी खास दिलचस्पी दिखाई है।
भविष्य में इसे वास्तविक बनाने की दिशा में भी सोच-विचार किया जाएगा। इसके साथ ही इस बैठक में बागदा से बनगांव तक की कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं, अंडरपास निर्माण और अन्य संरचनात्मक विकास व योजनाओं को लेकर भी बातचीत की गयी।