मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बलिया से गोलू सिंह उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया। गुरुवार (4 जून) को उसे गिरफ्तार किया गया। वहीं दूसरी तरफ इस हत्याकांड में गिरफ्तार राजकुमार सिंह के दोस्त ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मनु को भी CBI की टीम ने गिरफ्तार किया है।
जांच अधिकारियों ने चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में ही राजकुमार सिंह को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया था। अदालत ने ज्ञानेंद्र सिंह को 14 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है।
CBI और उत्तर प्रदेश पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार रंगदारी, धमकी समेत कई मामलों में ज्ञानेंद्र सिंह कथित तौर पर आरोपी है। गुरुवार (4 जून) की सुबह उन्हीं मामलों में उसने बलिया की अदालत में आत्मसमर्पण किया। इसके कुछ देर बाद ही गोलू सिंह उर्फ टाइगर को CBI ने गिरफ्तार किया।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार बलिया की एक अदालत ने उसे 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा है। बताया जाता है कि गोलू से विस्तृत पूछताछ के लिए उसे कोलकाता लाया जा रहा है।
जांच एजेंसी का दावा है कि गोलू ने ही चंद्रनाथ हत्याकांड में इस्तेमाल हुए हथियार की सप्लाई की थी। वह बनसडिह रोड थाना के बासुदेवपुर गांव का रहने वाला है। आरोप है कि हथियार को घटनास्थल तक पहुंचाने में उसकी भूमिका रही है।
सीबीआई का मानना है कि गोलू से पूछताछ में ही चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की उलझी गुत्थी सुलझेगी और इस हत्याकांड में शामिल अपराधियों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
गौरतलब है कि बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित होने से ठीक 2 दिन बाद ही तत्कालीन भावी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। वह अपनी गाड़ी से मध्यमग्राम के फ्लैट पर लौट रहे थे जब बीच रास्ते में उनकी गाड़ी को रोककर ताबड़तोड़ गोलीबारी की गयी थी।
मौके पर ही चंद्रनाथ रथ की मौत हो गयी थी और उनका ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना की जांच के लिए राज्य पुलिस ने SIT का गठन किया। इस मामले में सबसे पहले उत्तर प्रदेश से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। बाद में बिहार के बक्सर से एक अन्य संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया जिसके बारे में दावा किया गया कि वह शार्प शूटर है। मामले की जांच अब CBI को सौंप दी गयी है।