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KMC के मेयर पद से फिरहाद हकीम ने दिया इस्तीफा, मियाद खत्म होने में 6 माह का समय बाकी

इससे पहले 3 जून को यह अफवाह फैली थी कि फिरहाद हकीम ने मेयर के पद से इस्तीफा देने की इच्छा जतायी है। हालांकि बाद में उन्होंने इन अफवाहों का खंडन किया था।

By Moumita Bhattacharya

Jun 05, 2026 18:33 IST

आखिरकार फिरहाद हकिम ने कोलकाता नगर पालिका (KMC) के मेयर पद से अपना इस्तीफा दे दिया। शुक्रवार (5 जून) को फिरहाद हकिम ने KMC के मेयर पद से इस्तीफा सौंप दिया। इस बात की घोषणा उन्होंने खुद संवाददाता सम्मेलन कर की।

शाम को करीब 4 बजे उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, 'कुर्सी की मर्यादा नहीं रख पा रहा था।' इसके साथ ही नेताजी को श्रद्धांजलि नहीं दे पाने का उन्होंने अफसोस भी जताया।

बता दें, 3 दिसंबर 2018 को उन्होंने पहली बार KMC के मेयर पद की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद पिछले लगभग 7 सालों से वह इस जिम्मेदारी को संभाल रहे थे। 5 जून की शाम को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने पहले उन कार्यों का ब्यौरा दिया जिसे बतौर मेयर वह कर पाएं और कौन से कार्यों को वह नहीं कर पाएं।

इसके बाद वह चेयरपर्सन माला राय के कमरे में गए जहां उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि फिरहाद हकीम के बिना नगर निगम का संचालन कैसे होगा इस बारे में जब मीडियाकर्मियों ने निगम की कमिश्नर स्मिता पांडे से सवाल किया तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया, 'पूरी तरह से तैयार।'

गौरतलब है कि इससे पहले 3 जून को यह अफवाह फैली थी कि फिरहाद हकीम ने मेयर के पद से इस्तीफा देने की इच्छा जतायी है। दावा किया जा रहा था कि तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने उन्हें अनुमति भी दे दी है। हालांकि बाद में उन्होंने इन अफवाहों का खंडन करते हुए कहा था कि चारों तरफ जो अफवाहें फैल रही हैं, वह सच नहीं है। मैंने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है।

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5 जून को मीडिया को संबोधित करते हुए फिरहाद हकीम ने बताया कि KMC के मेयर के रूप में उनके लिए सबसे बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य कोरोना काल को संभालना था। उन्होंने कहा कि हमने अवैध निर्माण को रोकने के लिए कदम उठाए। जल निकासी की समस्या का काफी हद तक समाधान किया। लेकिन मेयर के रूप में सबसे बड़ी चुनौती कोविड को संभालना था।

चक्रवाती तूफान आमफान (Cyclone Amphan) भी एक बड़ी चुनौती थी, जिसे हमने कुशलता से संभाला। इस दौरान उन्होंने अपनी एक अधूरी इच्छा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक बार ठनठनिया में पानी भर गया था। स्थिति का जायदा लेने के लिए नेताजी कमर तक पानी में गमबूट पहनकर पैदल ही वहां पहुंचे थे। मैं उन्हें सम्मान देने की इच्छा रखता था, लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी।

पर अचानक इस्तीफा क्यों?

KMC के मेयर पद से अचानक इस्तीफा देने का फैसला लेने की वजह पूछने पर उन्होंने कहा कि मैं जब मेयर था तब नगर एवं शहरी विकास मंत्री भी था। इसलिए एक जगह से पास हुए किसी फैसले को दूसरी जगह से पास करवाने में कोई परेशानी नहीं होती थी।

अब ऐसा नहीं हो रहा है। किसी जमाने में सुभाष चंद्र बोस और देशबंधु चित्तरंजन राय जैसे दिग्गजों ने KMC के मेयर पद की जिम्मेदारी संभाली थी। मैं उनकी कुर्सी संभालूंगा, ऐसा कभी सोचा ही नहीं था। रात को जब उनकी बातें सोचता हूं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। आज भी उन्हें प्रणाम कर ही घर से निकला हूं। उस कुर्सी को पकड़ कर नहीं बैठना चाहता हूं।

कोलकाता के मेयर पद से फिरहाद हकीम का इस्तीफा Image - Ei Samay

फिरहाद हकीम ने जो इस्तीफा पत्र जमा किया है, उसमें इस्तीफा देने की वजह का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। उसमें सिर्फ इतना ही लिखा हुआ है कि KMC की धारा 1980 के तहत मेयर पद से इस्तीफा दे रहा हूं। यह इस्तीफा अविलंब लागू होगा।

इसके बाद उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दी और कहा कि कोलकाता के लोगों की सेवा करने का मौका मिलना बेहद गर्व और सम्मान की बात है। मेयर पद संभालते समय आपलोगों, मेयर-इन-काउंसिल के सदस्यों और सभी पार्षदों से जो समर्थन और सहयोग मिला, जो सलाह मिली उसके लिए मैं कृतज्ञ हूं।

गौरतलब है कि KMC के वार्ड नंबर 82 से लगातार तीन बार (2000, 2005 और 2010) तृणमूल के टिकट पर उन्होंने चुनाव लड़ा था। साल 2018 में शोभनदेव चट्टोपाध्याय के इस्तीफा करने के बाद उन्हें मेयर पद की जिम्मेदारी सौंपी गयी। आखिरी बार 2021 में उन्होंने इसी वार्ड से चुनाव लड़ा था और विजयी भी हुए थे। आखिरकार मियाद खत्म होने से 6 महीने पहले ही उन्होंने मेयर पद से इस्तीफा दे दिया।

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