कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तिदार के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। उनके बयान में “शासन की विफलता” जैसे शब्दों के इस्तेमाल के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह टिप्पणी पार्टी के भीतर मौजूदा हालात और संगठनात्मक तनाव की ओर इशारा कर सकती है। हालांकि उन्होंने किसी पार्टी या व्यक्ति का नाम नहीं लिया है, लेकिन उनके पोस्ट को तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है।
Do you think an MP of 4 terms from a political family , having been with @MamataOfficial , fighting autocracy for 4 decades thinks of self ? It is verdict against policy and failure of governance
— Dr. KakoliGDastidar (@kakoligdastidar) June 5, 2026
काकोली घोष दस्तिदार लंबे समय से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी मानी जाती रही हैं और चार दशक से अधिक समय से पार्टी से जुड़ी हैं। वे लोकसभा में मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं।
हालांकि हाल के लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद संगठनात्मक बदलाव के तहत उन्हें इस पद से हटा दिया गया और उनकी जगह कल्याण बनर्जी को नई जिम्मेदारी दी गई। इसी बदलाव के बाद से उनके राजनीतिक रुख और भूमिका को लेकर चर्चाएं बढ़ी हैं।
संगठन के भीतर असंतोष की चर्चा
पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहले से ही संगठनात्मक अस्थिरता और गुटबाजी को लेकर चर्चा होती रही है। विधानसभा स्तर पर हाल के घटनाक्रमों के बाद अब यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि लोकसभा में भी नेतृत्व और समन्वय को लेकर मतभेद उभर सकते हैं।
काकोली घोष दस्तिदार का पोस्ट इसी व्यापक राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है, जिससे पार्टी के भीतर संभावित असंतोष की चर्चा और तेज हो गई है।
आगामी बैठक और आगे की संभावनाएं
सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसदों की बैठक रविवार को प्रस्तावित है। इस बैठक के बाद लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपे जाने की संभावना भी जताई जा रही है, जिसमें संसदीय नेतृत्व को लेकर बदलाव पर विचार हो सकता है।
हालांकि काकोली घोष दस्तिदार की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन उनके हालिया पोस्ट के बाद राजनीतिक माहौल में अटकलों का दौर जरूर तेज हो गया है।