कोलकाता: पश्चिम बंगाल में गुरुवार को अचानक बदले मौसम ने कई जिलों में भारी तबाही मचा दी। तेज आंधी और बारिश के बीच गिरी आकाशीय बिजली ने राज्यभर में कुल 7 लोगों की जान ले ली, जिससे कई परिवारों में मातम छा गया।
दक्षिण दिनाजपुर: परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
दक्षिण दिनाजपुर जिले के बंशिहारी इलाके में वज्रपात की सबसे दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्य इसकी चपेट में आ गए। मृतकों की पहचान विश्वनाथ सरकार (38), उनकी पत्नी पुष्पा सरकार (30) और बेटी नंदिता सरकार (11) के रूप में हुई है।
बताया गया कि गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। इसी दौरान परिवार के तीनों सदस्य आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए और मौके पर ही गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है।
तपोन में महिला की मौत
दक्षिण दिनाजपुर के ही तपोन थाना क्षेत्र के झारपुकुर इलाके में भी वज्रपात से एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान संध्या राय (40) के रूप में हुई है। बताया गया कि वह खेत से घर लौट रही थीं, तभी अचानक बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मुर्शिदाबाद: दो अलग-अलग घटनाओं में दो मौतें
मुर्शिदाबाद जिले के सुति थाना क्षेत्र में भी वज्रपात ने दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान ले ली। पहली घटना में 14 वर्षीय अबुल कासेम शेख आम बीनने के दौरान बिजली गिरने से मारा गया।
वहीं दूसरी घटना में शेख अब्दुर रशीद (54) बारिश से बचने के लिए आम के बागान में खड़े थे, तभी वज्रपात की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जंगीपुर उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
जलपाईगुड़ी: एक की मौत, चार घायल
जलपाईगुड़ी जिले के मोंडलघाट क्षेत्र के कादोबाड़ी दासपाड़ा इलाके में भी आकाशीय बिजली गिरने से राजा दास (22) की मौत हो गई। इस घटना में चार अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार सभी प्रभावित लोग एक ही इलाके के निवासी हैं।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हुई इन घटनाओं ने एक बार फिर मानसून के दौरान आकाशीय बिजली के खतरे को उजागर किया है। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।