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राजनाथ सिंह का बड़ा फैसला, सेना, नौसेना और वायुसेना को मिली अधिक वित्तीय स्वायत्तता

आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए नए प्रावधान लागू

By डॉ. अभिज्ञात

Jun 04, 2026 21:12 IST

नई दिल्लीः रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों के फील्ड कमांडरों की वित्तीय शक्तियों में बड़ा विस्तार करने को मंजूरी दे दी है। इस कदम का उद्देश्य सैन्य अभियानों की दक्षता बढ़ाना, रक्षा खरीद प्रक्रियाओं को तेज करना और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना के कमांडरों को दी गई विशेष वित्तीय शक्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। साथ ही तात्कालिक परिचालन जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्धारित कुल वित्तीय सीमा में 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है।

वित्तीय अधिकारों में बड़ा बदलाव

सूत्रों के अनुसार फील्ड कमांडरों की प्रति परियोजना वित्तीय स्वीकृति सीमा 40 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये कर दी गई है। वहीं सेवा प्रमुखों के लिए पहले से निर्धारित 75 करोड़ रुपये की सीमा को बढ़ाकर लगभग 150 करोड़ रुपये किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि कुछ मामलों में वित्तीय अधिकारों में दोगुने से भी अधिक वृद्धि की गई है, जिससे अनुबंधों को अंतिम रूप देने और परियोजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया तेज होगी।

संयुक्त खरीद प्रणाली को मिलेगा बढ़ावा

संशोधित व्यवस्था में संयुक्त सैन्य खरीद (जॉइंट सर्विस प्रोक्योरमेंट) को बढ़ावा देने के लिए नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके तहत किसी एक प्रमुख सेवा के माध्यम से अन्य सेवाओं के लिए भी खरीद प्रक्रिया संचालित की जा सकेगी और इसके लिए सामान्य खरीद की तुलना में अधिक वित्तीय अधिकार दिए जाएंगे। इसके अलावा, वस्तुओं और सेवाओं की खरीद प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत करने के लिए कई नई सक्षम वित्तीय प्राधिकरण (कम्पीटेंट फाइनेंशियल अथॉरिटीज) भी बनाई गई हैं।

आत्मनिर्भरता और अनुसंधान पर फोकस

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सैन्य तंत्र के भीतर स्वदेशीकरण तथा अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) से जुड़े कार्यों के लिए उपलब्ध वित्तीय शक्तियों को भी दोगुना किया गया है। इसका उद्देश्य विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं पर निर्भरता कम करना और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।

1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीद का मार्ग होगा प्रशस्त

मंत्रालय के अनुसार संशोधित वित्तीय अधिकारों के जरिए मौजूदा बजटीय प्रावधानों के आधार पर राजस्व मद के तहत 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रक्षा खरीद को गति मिलेगी। वित्तीय शक्तियों का अंतिम संशोधन वर्ष 2021 में किया गया था। मंत्रालय का कहना है कि सैन्य बलों के विस्तार, परिचालन खर्च में वृद्धि और बजटीय आवंटन में बढ़ोतरी को देखते हुए नए संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई।

तेज निर्णय और समय पर संसाधन उपलब्ध कराने का लक्ष्य

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, संशोधित वित्तीय अधिकारों और नए रक्षा खरीद मैनुअल से निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी होगी। इससे सशस्त्र बलों को उनकी जरूरतों के अनुसार संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जा सकेंगे। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के उत्तराधिकारी पद पर कार्यरत जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन तथा रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भी मौजूद रहे। इसी अवसर पर रक्षा मंत्री ने रक्षा सेवाओं के लिए वित्तीय शक्तियों के प्रत्यायोजन (डेलिगेशन ऑफ फाइनेंशियल पावर्स फॉर द डिफेंस सर्विसेज) से संबंधित संशोधित मैनुअल भी जारी किया।

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