बेंगलुरुः कर्नाटक की राजनीति में बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने राज्य के 34वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। यह शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन में आयोजित किया गया, जहां देशभर से कांग्रेस के शीर्ष नेता और कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
डीके शिवकुमार ने शपथ ग्रहण के दौरान भारत के संविधान की प्रति हाथ में लेकर पद और गोपनीयता की शपथ ली, जिससे इस अवसर की गंभीरता और संवैधानिक महत्व और भी बढ़ गया। समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वे कनकपुरा विधानसभा क्षेत्र से लगातार आठ बार विधायक चुने जा चुके हैं और वर्ष 2020 से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत में उनकी संगठनात्मक भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।
शपथ ग्रहण से पहले डीके शिवकुमार ने कई धार्मिक नेताओं से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपनी मां के पैर छूकर आशीर्वाद भी प्राप्त किया, जिसके बाद वे समारोह स्थल के लिए रवाना हुए।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी उपस्थित रहे। उन्होंने शिवकुमार की संगठन क्षमता और पार्टी के प्रति लंबे योगदान की सराहना की। वहीं कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने इसे पार्टी हाईकमान का संतुलित और मजबूत निर्णय बताया।
इस शपथ ग्रहण के साथ ही कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी हो गई है। पार्टी नेतृत्व में हुए आंतरिक परामर्श के बाद डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है, जबकि सरकार के पहले चरण के मंत्रिमंडल का भी गठन तय कर लिया गया है।
नई कैबिनेट में डीके शिवकुमार और जी परमेश्वर के साथ केएच मुनियप्पा, के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायर गौड़ा, प्रियांक खरगे, यू.टी. खादर, ईश्वर खांडे, यथिंद्र सिद्धारमैया, बायरेथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल होंगे।