कोलकाताः पश्चिम बंगाल में पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक शौकत मोल्ला के घर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कार्रवाई के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता और राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस मामले में जांच एजेंसियों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति आतंकवादी गतिविधियों या ऐसे तत्वों के साथ मिलकर राज्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो केंद्रीय एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जांच एजेंसियों का काम तथ्यों को सामने लाना है और यदि कोई व्यक्ति खुद को निर्दोष मानता है तो उसे जांच में सहयोग करना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून सर्वोपरि होता है और कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल उससे ऊपर नहीं हो सकता।
तृणमूल कांग्रेस पर साधा सीधा निशाना
भाजपा नेता ने अपने बयान में तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के कारण पार्टी के कई नेताओं को यह लगने लगा था कि वे संविधान और कानून से ऊपर हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता अंतिम निर्णायक होती है और समय आने पर जनता अपना फैसला सुना देती है।
अग्निमित्रा पॉल ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के लोगों ने कई मौकों पर यह साबित किया है कि वे गलत काम करने वालों को माफ नहीं करते। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर जांच का सामना करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
शौकत मोल्ला के घर पहुंची एनआईए टीम
भाजपा नेता का यह बयान उस समय आया है जब एनआईए की एक विशेष टीम दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ क्षेत्र स्थित दक्षिण बामुनिया में शौकत मोल्ला के आवास पर पहुंची। एजेंसी ने वहां तलाशी अभियान चलाया और मामले से जुड़ी जानकारियां जुटाईं।
तलाशी के दौरान शौकत मोल्ला के परिवार के सदस्य भी घर पहुंचे। एजेंसी की कार्रवाई को देखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। हालांकि जांच एजेंसी ने अभियान के दौरान बरामद सामग्री या पूछताछ से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
चुनाव से पहले हुए विस्फोट से जुड़ा है मामला
जानकारी के अनुसार एनआईए की यह कार्रवाई उस बम विस्फोट मामले से जुड़ी है, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले हुआ था। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जिसके बाद मामले की केंद्रीय जांच की मांग उठी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एनआईए को सौंपी गई थी। एजेंसी ने जांच के दौरान कई लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेता वहीदुल इस्लाम का नाम भी शामिल है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना के पीछे कौन लोग थे और क्या इसके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
विस्फोटक बरामदगी के मामले में भी सक्रिय है एनआईए
इसी बीच एनआईए पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में बरामद किए गए देसी बमों के मामले की भी जांच कर रही है। गृह मंत्रालय के आदेश के बाद एजेंसी ने इस संबंध में नया मामला दर्ज किया था।
यह मामला 25 अप्रैल को कोलकाता पुलिस द्वारा 79 देसी बम और विस्फोटक सामग्री बरामद किए जाने से जुड़ा है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक स्थान पर बड़ी मात्रा में बम और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जमा की गई है। प्रारंभिक जांच में यह माना गया कि इससे आसपास के लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता था।
राजनीतिक बहस के केंद्र में सुरक्षा का मुद्दा
शौकत मोल्ला के घर एनआईए की कार्रवाई और उस पर अग्निमित्रा पॉल की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। भाजपा इसे राज्य में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों से जोड़कर देख रही है, जबकि जांच एजेंसियां मामले के कानूनी और आपराधिक पहलुओं की पड़ताल में जुटी हैं।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एनआईए की आगे की जांच में कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और इसका राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।