कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कथित हस्ताक्षर फर्जीवाड़ा मामले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। इस मामले में राज्य की सीआईडी ने कोलकाता नगर निगम के मेयर और तृणमूल कांग्रेस के विधायक फिरहाद हकीम से पूछताछ की। जांच टीम गुरुवार शाम उनके चेतला स्थित आवास पर पहुंची और उनका बयान दर्ज किया।
यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) चयन प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि कुछ दस्तावेजों पर ऐसे विधायकों के हस्ताक्षर दर्ज किए गए जो संबंधित बैठक में मौजूद नहीं थे। इसी आधार पर जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया क्या थी और हस्ताक्षर किस परिस्थिति में जोड़े गए।
सीआईडी अधिकारियों के अनुसार, जांच का फोकस इस बात पर है कि बैठक में कौन-कौन शामिल था और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किस प्रक्रिया के तहत किए गए। एजेंसी पूरे घटनाक्रम को क्रमवार तरीके से समझने की कोशिश कर रही है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
यह पूरा विवाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर हुई एक बैठक से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां LoP के नाम को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई और सीआईडी ने जांच शुरू की। आरोप है कि कुछ विधायकों के हस्ताक्षर उनकी अनुपस्थिति में दस्तावेजों में जोड़ दिए गए।
इस मामले में पहले तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया था। वे स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पेश नहीं हुए थे, जिसके बाद उन्हें 8 जून को दोबारा बुलाया गया है। सीआईडी अब इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों, बैठक की परिस्थितियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। फिरहाद हकीम का बयान भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है और उसे आगे की जांच में शामिल किया जाएगा।