कोलकाता: भांगड़ में हुए बम विस्फोट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को दिनभर चली छापेमारी के बावजूद पूर्व तृणमूल विधायक शौकत मोल्ला का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद एजेंसी ने उन्हें 8 जून को न्यूटाउन स्थित एनआईए कार्यालय में पेश होने का नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उनके परिवार को सौंपा गया है।
एनआईए की टीम ने गुरुवार को शौकत मोल्ला के घर समेत कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इसके बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका। जांच एजेंसी को संदेह है कि वे फिलहाल छिपे हो सकते हैं और लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।
तलाशी अभियान के दौरान उत्तर काशिपुर इलाके में शौकत मोल्ला के करीबी माने जाने वाले लाल्टू के घर से एनआईए ने सीसीटीवी कैमरा और हार्डडिस्क जब्त की है। जांच एजेंसी को आशंका है कि कुछ समय के लिए शौकत मोल्ला वहीं छिपे हो सकते थे।
एनआईए ने शौकत मोल्ला के बेटे इमरान मोल्ला को भी साथ लेकर मौखाली क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर तलाशी ली। इसके बाद बारुईपुर में एक ठिकाने पर भी छापेमारी की गई। सूत्रों के अनुसार, इमरान मोल्ला को एजेंसी ने हिरासत में लिया है।
जांच टीम ने पहले उनके एक कैफे में भी छापेमारी की और बाद में सोनारपुर और अन्य इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। यह पूरा मामला भांगड़ के बामुनिया इलाके में हुए बम विस्फोट से जुड़ा है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी। घटना के बाद केस की जांच एनआईए को सौंप दी गई थी।
इस मामले में पहले भी तृणमूल नेता वाहिदुल इस्लाम सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा विस्फोट में इस्तेमाल वाहन के चालक के भाई की भी गिरफ्तारी हुई थी। एनआईए अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और लगातार संदिग्धों से पूछताछ तथा छापेमारी कर रही है। एजेंसी का फोकस अब शौकत मोल्ला की लोकेशन और कथित भूमिका पर केंद्रित है।