🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

घुसपैठ रोकने की तैयारी, बंगाल-बिहार-त्रिपुरा पर अमित शाह का बड़ा बयान

शाह ने सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना की भी जानकारी दी। कहा कि यह प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है व इसे देश के 7 से 8 स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट रूप में किया जाएगा।

By लखन भारती

Jun 05, 2026 16:37 IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के सीमावर्ती राज्यों में घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और बिहार जैसे राज्यों में हो रहे डेमोग्राफिक बदलाव को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

शुक्रवार को त्रिपुरा के लंकामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट पर बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा में मौजूद खामियों को खत्म करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

गृह मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि घुसपैठ और अवैध गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बीएसएफ जवानों की सराहना करते हुए कहा कि वे देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए लगातार डटे हुए हैं।

इस मौके पर अमित शाह ने सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है और इसे देश के 7 से 8 स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा।

इस नई व्यवस्था के तहत सीमा सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। इसमें ड्रोन, सेंसर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली, हाई-रेजोल्यूशन कैमरे और अन्य उन्नत उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। इसका उद्देश्य सीमा पर निगरानी को अधिक प्रभावी और तेज बनाना है, ताकि घुसपैठ की कोशिशों को पहले ही रोका जा सके।

अमित शाह ने कहा कि इस तकनीकी व्यवस्था में स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों को भी एकीकृत किया जाएगा, जिससे समन्वय बेहतर होगा और जवाबी कार्रवाई में तेजी आएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत सीमा प्रबंधन न केवल बाहरी सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी और अधिक मजबूत बनाएगा।

सरकार का मानना है कि स्मार्ट बॉर्डर परियोजना के लागू होने के बाद सीमाओं पर निगरानी और नियंत्रण पहले से अधिक प्रभावी हो जाएगा और घुसपैठ की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगेगी।


Articles you may like: