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फ्रेंच ओपन में ‘नो हैंडशेक’ विवाद, मिरा आंद्रेयेवा ने फाइनल में बनाई जगह

19 वर्षीय मिरा आंद्रेयेवा पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचीं।

पेरिस : खेल जगत में हाल ही में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबले के दौरान ‘नो-हैंडशेक’ विवाद को लेकर काफी चर्चा हुई थी। अब इसी तरह का एक दृश्य फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट में भी देखने को मिला। इसकी पृष्ठभूमि में रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

फ्रेंच ओपन में गुरुवार को महिला एकल के सेमीफाइनल मुकाबले में यूक्रेन की मार्ता कोस्तियुक और रूस की युवा स्टार मिरा आंद्रेयेवा आमने-सामने थीं। दोनों देशों के बीच चल रहे राजनीतिक और सैन्य तनाव के कारण इस मुकाबले को लेकर पहले से ही विशेष रुचि और चर्चा बनी हुई थी। मैच के दौरान जितनी निगाहें खेल पर थीं, उतनी ही मैच समाप्ति के बाद खिलाड़ियों के व्यवहार पर भी थीं।

मुकाबले के बाद निर्धारित खेल परंपरा के अनुसार दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया। यूक्रेनी खिलाड़ी मार्ता कोस्तियुक पहले भी रूसी खिलाड़ियों के खिलाफ अपने रुख को लेकर चर्चा में रही हैं। वह लंबे समय से रूस के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपनी राय व्यक्त करती रही हैं और अतीत में भी कई बार रूसी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ मैच खत्म होने के बाद बिना हाथ मिलाए कोर्ट छोड़ चुकी हैं। इस बार भी उन्होंने वही रुख बरकरार रखा।

हालांकि कोर्ट पर प्रदर्शन की बात करें तो बाजी रूस की 19 वर्षीय युवा खिलाड़ी मिरा आंद्रेयेवा ने मारी। उन्होंने महिला एकल सेमीफाइनल में मार्ता कोस्तियुक को सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हराकर पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बना ली।

ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के बाद मिरा आंद्रेयेवा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचने की भावना को शब्दों में बयान करना आसान नहीं है। मैच के दौरान मैंने खुद से कहा था कि चाहे जो भी हो, मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। मैंने वही करने की कोशिश की और उसका परिणाम मेरे पक्ष में आया।”

उधर पुरुष वर्ग में भी कई महत्वपूर्ण मुकाबले खेले गए। इटली के खिलाड़ी मात्तेओ बेरेट्टिनी चोट के कारण क्वार्टर फाइनल मुकाबले के बीच में ही मैच छोड़ने को मजबूर हो गए। उस समय वह मुकाबले में 5-7, 2-5 से पीछे चल रहे थे। उनके हटने के कारण आर्नाल्डी ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।

एक अन्य क्वार्टर फाइनल में फाबियो कोबोली ने शानदार वापसी करते हुए फेलिक्स ओगर-अलियासिमे को 4-6, 6-4, 6-4, 6-4 से हराकर अंतिम चार में अपनी जगह सुनिश्चित की।

इसके अलावा युवा खिलाड़ी जोआओ फोन्सेका का सफर भी समाप्त हो गया। उन्हें जाकुब मेंसिक ने 6-4, 6-3, 7-6 (7-3) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

फ्रेंच ओपन के इस चरण में जहां एक ओर मिरा आंद्रेयेवा ने अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हासिल की, वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध की छाया टेनिस कोर्ट पर भी साफ दिखाई दी, जब मैच के बाद दोनों खिलाड़ियों ने पारंपरिक हैंडशेक से परहेज किया।

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