कोलकाता : इमामी के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच, 22 वर्षों बाद देश की शीर्ष फुटबॉल लीग का खिताब जीतने वाली ईस्ट बंगाल एक बार फिर आगामी सत्र से पहले निवेश संबंधी संकट का सामना करती दिखाई दे रही है। इसी बीच बुधवार को यह चर्चा तेज हो गई कि पूर्व निवेशक श्री सीमेंट दोबारा क्लब से जुड़ने की तैयारी कर रहा है। हालांकि गुरुवार को श्री सीमेंट के प्रमुख हरिमोहन बांगुर ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
हरिमोहन बांगुर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्री सीमेंट की ईस्ट बंगाल में वापसी की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, “यह खबर पूरी तरह गलत है। हम किसी भी परिस्थिति में ईस्ट बंगाल से दोबारा नहीं जुड़ रहे हैं। यह केवल अफवाह है।”
दरअसल, सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से फैली थी कि ईस्ट बंगाल के शीर्ष अधिकारी देबब्रत सरकार बुधवार को श्री सीमेंट के कार्यालय गए थे। इसी के बाद दोनों पक्षों के बीच संभावित नई साझेदारी को लेकर अटकलें शुरू हो गई थीं।
इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए हरिमोहन बांगुर ने कहा, “हमारे कार्यालय में कोई भी व्यक्ति आ सकता है। यहां आने-जाने पर कोई रोक नहीं है। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि हम ईस्ट बंगाल के साथ फिर से जुड़ने जा रहे हैं। ऐसी कोई संभावना नहीं है।”
गौरतलब है कि जब श्री सीमेंट ने ईस्ट बंगाल में निवेश किया था, तब शुरुआती कुछ महीनों तक दोनों पक्षों के संबंध सामान्य रहे थे। लेकिन बाद में क्लब और कंपनी के बीच मतभेद तेजी से बढ़ने लगे थे। उस समय ईस्ट बंगाल के अधिकारियों ने श्री सीमेंट के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए थे।
क्लब प्रबंधन की ओर से यह तक कहा गया था कि श्री सीमेंट ईस्ट बंगाल क्लब पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। दोनों पक्षों के बीच सार्वजनिक रूप से तीखे बयानबाजी का दौर चला था और यह विवाद लंबे समय तक खेल जगत तथा मीडिया में चर्चा का विषय बना रहा था।
ऐसे में कई वर्षों बाद जब श्री सीमेंट का नाम फिर से ईस्ट बंगाल के साथ जुड़ा, तो बड़ी संख्या में समर्थक उत्साहित हो गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि क्लब को एक बार फिर मजबूत वित्तीय सहयोग मिल सकता है। लेकिन हरिमोहन बांगुर के बयान ने इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया।
दूसरी ओर, वर्तमान निवेशक इमामी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक फुटबॉल फेडरेशन आगामी फुटबॉल कैलेंडर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं करता, तब तक उनके लिए आगे बढ़ना संभव नहीं होगा। बताया जा रहा है कि लगभग चार दिन पहले इस विषय पर एक लंबी बैठक भी हुई थी, लेकिन उससे कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।
सूत्रों के अनुसार, क्लब प्रबंधन अब अंदरूनी स्तर पर अन्य संभावित निवेशकों की तलाश भी कर रहा है। ऐसे में आगामी सत्र से पहले ईस्ट बंगाल के निवेश और वित्तीय भविष्य को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।