नियामे : सहारा मरुस्थल में पानी के अभाव और भीषण गर्मी के कारण 49 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना पश्चिम अफ्रीका के नाइजर प्रांत में हुई। आगाडेज़ प्रशासन ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर इस त्रासदी की जानकारी दी।
प्रशासन के अनुसार मृतक एक ट्रक में यात्रा कर रहे थे। रास्ते में ट्रक खराब हो जाने के बाद वे सहारा मरुस्थल के निर्जन इलाके में फंस गए। राहत और बचाव दल के पहुंचने तक अधिकांश लोग प्यास, निर्जलीकरण और अत्यधिक गर्मी की चपेट में आ चुके थे।
असामाका प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि ट्रक में रखे प्लास्टिक के कुछ ड्रमों में सीमित मात्रा में पानी मौजूद था, लेकिन वह लगभग डेढ़ से दो घंटे के भीतर समाप्त हो गया। क्षेत्र में तापमान अत्यधिक ऊंचा था। पानी खत्म होने के बाद लोगों की स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। कई लोग हीट स्ट्रोक, गंभीर निर्जलीकरण और लगातार बढ़ती प्यास के कारण दम तोड़ बैठे।
जब बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचा, तब वहां का दृश्य बेहद भयावह था। मृत लोग अलग-अलग स्थानों पर बिखरे हुए मिले। कुछ शव ट्रक के भीतर पड़े थे, कुछ ट्रक के नीचे मिले, जबकि कुछ लोग मदद की तलाश में ट्रक से दूर निकल गए थे और वहीं उनकी मृत्यु हो गई।
स्थानीय प्रशासन के एक अन्य सूत्र ने बताया कि दो व्यक्ति लगभग 50 किलोमीटर पैदल चलकर असामाका के निकट तक पहुंचने में सफल रहे। प्राथमिक उपचार के बाद उनसे पूछताछ की गई। उनके बयान से पता चला कि सभी लोगों की मौत एक ही दिन में नहीं हुई थी। फंसे हुए लोगों की मृत्यु लगभग डेढ़ से तीन दिनों के दौरान अलग-अलग समय पर हुई।
जानकारी के अनुसार, जो लोग माली से लौट रहे थे, उनके पास मोबाइल फोन तो थे, लेकिन लंबे समय तक रेगिस्तान में फंसे रहने के कारण फोन की बैटरियां खत्म हो गई थीं। इस वजह से वे किसी से संपर्क स्थापित नहीं कर सके और समय पर सहायता भी नहीं मिल पाई।