मुंबई : आईपीएल 2026 का समापन हो चुका है और अब भारतीय क्रिकेटरों का ध्यान राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारियों पर केंद्रित हो गया है। 6 जून, शुक्रवार से भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाएगा। मुकाबले से पहले भारतीय टीम की संभावित प्लेइंग इलेवन को लेकर क्रिकेट प्रेमियों के बीच लगातार चर्चा जारी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि टेस्ट टीम में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने का मौका किसे मिलेगा। इस स्थान के लिए साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल के नाम सबसे आगे चल रहे थे। अब इस विषय पर भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने स्वयं अपनी राय रखी है।
गौतम गंभीर के बयान से संकेत मिला है कि नंबर-3 बल्लेबाजी क्रम में साई सुदर्शन को प्राथमिकता मिल सकती है। उनका मानना है कि साई को अभी तक अपनी क्षमता साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिले हैं और इसलिए उन्हें और मौके दिए जाने चाहिए।
नंबर-3 स्थान को लेकर जारी थी चर्चा
साल 2025 में इंग्लैंड दौरे के दौरान भारतीय टीम ने पहली बार साई सुदर्शन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए उतारा था। हालांकि इस भूमिका में वह अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सके थे। उस श्रृंखला में उन्होंने छह मैचों में 27.45 की औसत से 302 रन बनाए थे।
भारतीय टीम पहले भी नंबर-3 बल्लेबाजी क्रम को लेकर कई प्रयोग कर चुकी है। करुण नायर, वाशिंगटन सुंदर समेत कई खिलाड़ियों को इस भूमिका में आजमाया गया है। अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट से पहले भी यह चर्चा तेज थी कि क्या देवदत्त पडिक्कल को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। लेकिन अब ऐसा लगता है कि टीम प्रबंधन फिलहाल उस दिशा में नहीं बढ़ रहा है।
गौतम गंभीर ने क्या कहा?
मीडिया से बातचीत के दौरान गौतम गंभीर ने साई सुदर्शन के पक्ष में अपनी बात रखते हुए कहा, “साई सुदर्शन को अभी तक पर्याप्त अवसर नहीं मिले हैं। उन्होंने मुख्य रूप से इंग्लैंड श्रृंखला में ही खेला था। मुझे विश्वास है कि उन्हें और मौके मिलने चाहिए। हम केवल 11 खिलाड़ियों का चयन कर सकते हैं, इसलिए हर किसी को लगातार अवसर देना संभव नहीं होता।”
उन्होंने आगे कहा कि साई इस समय खराब फॉर्म में भी नहीं हैं। आईपीएल में उन्होंने 700 रन बनाए हैं। यदि किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन केवल चार या पांच मैचों के आधार पर किया जाएगा, तो किसी भी क्रिकेटर को विकसित करना संभव नहीं होगा।
साई पर भरोसा बरकरार
गौतम गंभीर के बयान से यह साफ हो गया है कि टीम प्रबंधन का भरोसा अभी भी साई सुदर्शन पर कायम है। यही कारण है कि शुक्रवार से शुरू होने वाले टेस्ट मैच में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
हालांकि दूसरी ओर देवदत्त पडिक्कल ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने छह मैचों में 543 रन बनाए और उनका औसत 60.33 का रहा। इसके बावजूद मौजूदा संकेत यही बताते हैं कि अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में भारतीय टीम की अंतिम एकादश में उन्हें मौका मिलना मुश्किल हो सकता है।
अब सभी की नजरें टीम चयन पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम नंबर-3 बल्लेबाजी क्रम के लिए आखिरकार किस खिलाड़ी पर भरोसा जताती है और अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में किसे जिम्मेदारी सौंपी जाती है।