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सीबीएसई के पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल पर साइबर हमले, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए शुरू किए गए पोर्टल को निशाना बनाने का आरोप; कई आईपी एड्रेस से संदिग्ध ट्रैफिक मिलने के बाद जांच तेज

By श्वेता सिंह

Jun 05, 2026 19:36 IST

नई दिल्लीः केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर कथित साइबर हमलों की शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बोर्ड की ओर से इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) इकाई को औपचारिक शिकायत भेजी गई थी। इसके आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

किस पोर्टल को बनाया गया निशाना?

सीबीएसई ने 2 जून को कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिए उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन से जुड़ी ऑनलाइन सेवा शुरू की थी। यह पोर्टल उन शिकायतों के बाद शुरू किया गया था, जिनमें ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को लेकर सवाल उठाए गए थे।

बोर्ड के अनुसार, पोर्टल शुरू होने के बाद लगातार तीन दिनों तक उस पर समन्वित और तकनीकी रूप से जटिल साइबर हमलों की कोशिशें की गईं।

देश और विदेश से संदिग्ध ट्रैफिक

सीबीएसई का कहना है कि पोर्टल पर बड़ी मात्रा में संदिग्ध डिजिटल ट्रैफिक भेजा गया। यह ट्रैफिक भारत और विदेशों में मौजूद विभिन्न आईपी एड्रेस से आया था।

बोर्ड ने इन गतिविधियों को सुनियोजित साइबर हमला बताया है। हालांकि तकनीकी टीमों ने समय रहते सभी प्रयासों को विफल कर दिया और पोर्टल की सेवाओं को सामान्य बनाए रखा।

डेटा सुरक्षित, लेकिन जांच जारी

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि किसी भी हमले के दौरान डेटा लीक, अनधिकृत प्रवेश या सिस्टम से छेड़छाड़ की कोई घटना सामने नहीं आई।

फिर भी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और साइबर विशेषज्ञ हमलों के स्रोत, उद्देश्य और संभावित जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में जुटे हैं।

यह पूरा मामला उस विवाद के बाद सामने आया है, जिसमें कुछ कक्षा 12 के विद्यार्थियों ने दावा किया था कि बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड की गई उनकी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं।

इन शिकायतों के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। इसी बीच पोर्टल पर कथित साइबर हमलों की जानकारी सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है।

सीबीएसई का दावा है कि उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था ने सभी साइबर हमलों को विफल कर दिया और छात्रों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहा। हालांकि हमलों के पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या था, इसका पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस की जांच अब केंद्र में है।

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