सिडनी : भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु ने ऑस्ट्रेलियन ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। सिडनी के क्वेसेंटर में खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उन्होंने चीनी ताइपे की चेन सू यू को एकतरफा अंदाज में हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया।
दोनों खिलाड़ियों के बीच खेला गया यह मुकाबला मात्र 27 मिनट तक चला। सिंधु ने शुरुआत से ही मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा और दोनों गेम में अपने प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने 21-6 और 21-9 के स्कोर से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया।
यह वर्ष 2026 में सिंधु का दूसरा सेमीफाइनल है। इससे पहले वह मलेशिया ओपन 2026 में भी अंतिम चार तक पहुंची थीं। लगातार अच्छे प्रदर्शन से उन्होंने एक बार फिर साबित किया है कि वह विश्व बैडमिंटन की शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं।
अब होगा कड़ा मुकाबला
सेमीफाइनल में सिंधु का सामना जापान की शीर्ष वरीयता प्राप्त और तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से होगा। यह दोनों खिलाड़ियों के बीच 29वीं भिड़ंत होगी।
अब तक के आमने-सामने के रिकॉर्ड में सिंधु को 15-13 की बढ़त हासिल है। हालांकि हाल के मुकाबलों में यामागुची का पलड़ा भारी रहा है और उन्होंने पिछली पांच भिड़ंतों में से चार में जीत दर्ज की है। ऐसे में आगामी मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। यामागुची ने क्वार्टर फाइनल में भारत की युवा खिलाड़ी तन्वी शर्मा को 32 मिनट में 21-14, 21-14 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
पहले भारतीय खिलाड़ी को हराकर पहुंचीं थीं क्वार्टर फाइनल में
क्वार्टर फाइनल से पहले सिंधु ने प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी भारतीय प्रतिद्वंद्वी ईशारानी बरुआ को 42 मिनट में 22-20, 21-12 से पराजित किया था।
पहला गेम काफी कड़ा रहा और मुकाबला टाई-ब्रेक तक पहुंच गया। हालांकि सिंधु ने अनुभव का फायदा उठाते हुए गेम अपने नाम कर लिया। इसके बाद दूसरे गेम में उन्होंने पूरी तरह दबदबा बनाते हुए आसान जीत हासिल की और अंतिम आठ में जगह बनाई।
तन्वी शर्मा का शानदार अभियान
दूसरी ओर, 17 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने भी इस टूर्नामेंट में प्रभावित किया। शुक्रवार को खेले गए एक अन्य अखिल भारतीय मुकाबले में उन्होंने मालविका बंसोड़ को 21-13, 21-15 से हराकर शानदार जीत दर्ज की।
तन्वी ने पूरे मुकाबले में संयम और आत्मविश्वास का परिचय दिया तथा क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की। इस सत्र में यह दूसरा अवसर था जब वह किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के अंतिम आठ खिलाड़ियों में पहुंचीं।
उनकी यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन सर्किट पर उनकी बढ़ती पहचान और क्षमता को भी दर्शाती है। हालांकि क्वार्टर फाइनल में उन्हें अकाने यामागुची के हाथों हार का सामना करना पड़ा, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन भारतीय बैडमिंटन के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
वहीं पुरुष युगल वर्ग में भारत की जोड़ी हरिहरन अम्साकरुणन और एम. आर. अर्जुन को चीनी ताइपे की जोड़ी के खिलाफ दूसरे गेम के दौरान चोट अथवा शारीरिक असुविधा के कारण मुकाबले से हटना पड़ा।
अब सभी की नजरें सिंधु और अकाने यामागुची के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां भारतीय स्टार खिलाड़ी फाइनल में जगह बनाने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगी।