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मौत को मात देकर विश्व कप में चमके राउल जिमेनेज, मेक्सिको की जीत के बने हीरो

गोल के बाद दिवंगत पिता को याद कर हुए भावुक, गंभीर सिर की चोट के बाद रची शानदार वापसी की कहानी।

By शिखा सिंह

Jun 12, 2026 15:17 IST

मैक्सिको सिटी : यदि फीफा विश्व कप 2026 का पहला गोल जूलियन किन्योनेस के नाम दर्ज हुआ, तो दूसरा गोल राउल जिमेनेज ने किया। इतिहास अक्सर पहले गोल करने वाले खिलाड़ी को याद रखता है, लेकिन राउल जिमेनेज की कहानी केवल विश्व कप के दूसरे गोल तक सीमित नहीं है। उनकी असली पहचान उस अविश्वसनीय संघर्ष से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने मौत को मात देकर फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर वापसी की।

करीब पांच साल पहले मैदान पर हुई एक भयावह दुर्घटना ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी थी। डॉक्टरों की अथक कोशिश, लंबा पुनर्वास और अनिश्चितता से भरे कठिन दौर को पार करने के बाद उनका दोबारा विश्व स्तरीय फुटबॉल में लौटना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा था। अब उसी राउल जिमेनेज ने अपने घरेलू मैदान पर विश्व कप के उद्घाटन मुकाबले में गोल दागकर एक प्रेरणादायक कहानी लिख दी है।

गुरुवार रात मैक्सिको सिटी के ऐतिहासिक आजटेका स्टेडियम में 80 हजार से अधिक दर्शकों की मौजूदगी में मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराकर विश्व कप 2026 की शानदार शुरुआत की। जूलियन किन्योनेस ने टीम को बढ़त दिलाई, जबकि अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने दूसरा गोल करके जीत पर मुहर लगा दी।

लेकिन यह गोल केवल स्कोरबोर्ड पर दर्ज एक आंकड़ा नहीं था। यह उस खिलाड़ी की जीत का प्रतीक था जिसने जीवन की सबसे कठिन लड़ाई जीतकर मैदान पर वापसी की।

गोल के बाद भावुक हो गए राउल जिमेनेज

मुकाबले के 67वें मिनट में रोबर्टो अल्वाराडो के शानदार क्रॉस पर राउल जिमेनेज ने बेहतरीन हेडर लगाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया। गोल करने के बाद उन्होंने आसमान की ओर देखा और दोनों हाथ उठाकर अपने दिवंगत पिता राउल जिमेनेज वेगा को श्रद्धांजलि दी। इस भावुक क्षण में वह अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख सके और मैदान पर ही उनकी आंखें नम हो गईं।

राष्ट्रीय टीम के लिए यह उनका 125वां मुकाबला था और इस मैच में उन्होंने अपना 46वां अंतरराष्ट्रीय गोल दागा। इसके साथ ही वह मेक्सिको के महान फुटबॉलर जारेड बोर्गेट्टी की बराबरी करते हुए देश के संयुक्त रूप से दूसरे सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए।

विश्व कप में पहली बार शुरुआती एकादश में मिला मौका

यह राउल जिमेनेज का चौथा विश्व कप है। इससे पहले वह 2014, 2018 और 2022 विश्व कप में भी मेक्सिको का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हालांकि उन तीनों विश्व कप में उन्होंने कुल छह मैच खेले थे, लेकिन हर बार उन्हें स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान में उतरने का अवसर मिला था। उन टूर्नामेंटों में वह एक भी गोल नहीं कर पाए थे।

35 वर्ष की उम्र में पहली बार उन्हें विश्व कप में शुरुआती एकादश में जगह मिली और उन्होंने इस अवसर को यादगार बना दिया। गोल करके उन्होंने साबित कर दिया कि अनुभव और जज्बा किसी भी चुनौती को पार कर सकता है।

वह हादसा जिसने सब कुछ बदल दिया

29 नवंबर 2020 को इंग्लिश प्रीमियर लीग के एक मुकाबले में राउल जिमेनेज वॉल्वरहैम्प्टन वांडरर्स की ओर से आर्सेनल के खिलाफ खेल रहे थे।कॉर्नर किक पर गेंद के लिए उछलते समय उनकी टक्कर आर्सेनल के डिफेंडर डेविड लुइज से हो गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि जिमेनेज मैदान पर ही बेहोश हो गए।

उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता देकर अस्पताल पहुंचाया गया। जांच में पता चला कि उनकी खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ है और मस्तिष्क को गंभीर चोट पहुंची है। स्थिति बेहद गंभीर थी और डॉक्टरों को तत्काल सर्जरी करनी पड़ी। उस समय उनके साथी खिलाड़ियों और प्रशंसकों को भी उम्मीद नहीं थी कि वह दोबारा पेशेवर फुटबॉल खेल पाएंगे। बाद में स्वयं जिमेनेज ने स्वीकार किया था कि उनका जीवित बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं था।

लंबा पुनर्वास और कठिन वापसी

चोट और सर्जरी के बाद उन्हें लगभग आठ महीने तक मैदान से दूर रहना पड़ा। इस दौरान उन्होंने लंबे समय तक अकेले अभ्यास किया। कई महीनों तक उन्हें अन्य खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण की अनुमति भी नहीं मिली।

साल 2021 में विशेष सुरक्षात्मक हेडगियर पहनकर उन्होंने प्रतिस्पर्धी फुटबॉल में वापसी की, लेकिन पुरानी लय हासिल करने में समय लगा। एक समय यूरोप के बड़े क्लबों की नजर में रहने वाले इस स्ट्राइकर को लेकर कई लोगों का मानना था कि उनका सर्वश्रेष्ठ दौर अब समाप्त हो चुका है।

हार नहीं मानी, फिर से बनाई पहचान

राउल जिमेनेज ने हार मानने से इनकार कर दिया। वर्ष 2023 में उन्होंने शानदार वापसी की और फुलहम क्लब से जुड़कर अपने करियर को नई दिशा दी।धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास लौटा और गोल करने की क्षमता भी वापस आई। दूसरी ओर मेक्सिको की राष्ट्रीय टीम ने भी उन पर भरोसा बनाए रखा।

उन्होंने कॉनकाकाफ नेशंस लीग और गोल्ड कप में टीम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर उन्होंने एक बार फिर खुद को मेक्सिको के प्रमुख स्ट्राइकर के रूप में स्थापित किया।

अब विश्व कप 2026 के उद्घाटन मुकाबले में किया गया उनका गोल केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य, साहस और पुनर्जन्म की कहानी बन गया है। राउल जिमेनेज ने साबित कर दिया कि कठिन से कठिन परिस्थितियां भी उस खिलाड़ी को नहीं रोक सकतीं, जिसके भीतर लड़ने का जज्बा जिंदा हो।

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