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अहमदाबाद विमान हादसा: 1 साल बाद भी सदमे में है इकलौता सर्वाइवर, बोला- अब तक नहीं मिले जवाब!

हादसे के 1 साल गुजर जाने के बावजूद एकमात्र जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश अभी तक सामान्य जिंदगी नहीं बीता पा रहे हैं।

By Moumita Bhattacharya

Jun 12, 2026 18:05 IST

'12 जून 2025' की वह भयावह दोपहर शायद ही कोई भारतीय भूल सकता है। अहमदाबाद के सरदार बल्लभ भाई पटेल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI 171 (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर)...जो उड़ान भरने के महज 30 से 35 सेकंड के अंदर ही एक इमारत पर जा गिरा।

इस हादसे में विमान में सवार सभी यात्रियों और दो पायलट व क्रु के सदस्यों की मौत हो गयी थी। लेकिन विमान की सीट नंबर 11A पर बैठे भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक की जान इस भीषण हादसे में आश्चर्यजनक रूप से बच गयी थी। हादसे के 1 साल गुजर जाने के बावजूद एकमात्र जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश अभी तक सामान्य जिंदगी नहीं बीता पा रहे हैं।

हिंदुस्तान की मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इस विमान में 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और कनाडाई नागरिक समेत कुल 242 यात्री सवार थे। हादसे में 12 क्रु के सदस्य और 19 ऐसे लोगों की मौत भी हुई थी जो हादसे के वक्त जमीन पर मौजूद थे। एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराते ही विमान आग के गोले में बदल गया। इसके बाद तो हर तरफ बस तबाही का मंजर ही नजर आ रहा था। इस हादसे में विश्वास ने अपने भाई को खो दिया था।

आज भी अनसुलझे सवालों के साथ जी रहा हूं

हादसे के एक साल बाद भी विश्वास कुमार रमेश का कहना है कि यह सब कैसे और क्यों हुआ इस बारे में मुझे अभी तक कुछ नहीं पता। मैं आज भी अनसुलझे सवालों के साथ जी रहा हूं। मैं गहरे मानसिक घाव और अपने भाई को खोने के दर्द से लगातार जूझ रहा हूं।

हिंदुस्तान की मीडिया रिपोर्ट में विश्वास के हवाले से कहा गया है कि जो हुआ उसे तो बदला नहीं जा सकता है लेकिन पीड़ित परिवारों को सच्चाई जानने का पूरा अधिकार है। रमेश की ओर से बताया गया कि एयर इंडिया की ओर से उन्हें मुआवजा तो जरूर मिला लेकिन ब्रिटिश सरकार की ओर से कोई खास मदद नहीं की गयी।

अहमदाबादा विमान हादसे में इकलौता बचा यात्री Image - X

प्रभावित हुआ जीवन

विश्वास कुमार रमेश का कहना है कि इस हादसे की वजह से उनका जीवन पूरी तरह से बदल गया। वह फिशिंग का व्यापार करते हैं जो भाई की मौत की वजह से बुरी तरह से प्रभावित हुआ। वह खुद भी मानसिक रूप से इतने टूट गए हैं कि अपनी गाड़ी तक ड्राइव नहीं कर पाते हैं। हादसे के 1 साल गुजर जाने के बावजूद विश्वास कई तरह की शारीरिक समस्याओं से अभी तक जुझ रहे हैं।

बता दें, विश्वास विमान की सीट नंबर 11A पर बैठे थे और उनका भाई उनके ठीक बगल में ही बैठा हुआ था। सीट नंबर 11A आपातकालीन द्वार के सामने होता है। इसलिए हादसे के समय हुए विमान हुए विस्फोट के झटके से वह बाहर गिर गए थे। हादसे के बाद कई वीडियो जो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, उनमें वह लंगड़ाते हुए हादसे वाली जगह से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे थे। हालांकि उस समय भी उनके चेहरे पर जख्म साफ नजर आ रहे थे।

वहीं दूसरी ओर शुक्रवार (12 जून) को एयर इंडिया (Air India) की टीम की तरफ से एयर इंडिया ट्रेनिंग अकादमी में 2 मिनट का मौन धारण कर विमान हादसे में मारे गए यात्रियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। इससे पहले गुरुवार (11 जून) को एयर इंडिया की ओर से जारी एक बयान में दावा किया गया कि उड़ान संख्या AI-171 हादसे में पीड़ित परिवारों में से अधिकांश को ही उनका मुआवजा प्रदान किया जा चुका है।

ANI की रिपोर्ट में एयरलाइंस कंपनी के सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि एयर इंडिया ने इस हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिवारों को ₹25 लाख की अंतरिम सहायता राशि तुरंत प्रदान कर दी थी। दावा किया जा रहा है कि लगभग 96% परिवारों को अंतरिम सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। हादसे वाली जगह पर घायल हुए लोगों में से 94% लोगों को, उनकी चोटों की प्रकृति तथा आजीविका के किसी भी नुकसान के आधार पर एकमुश्त पूर्ण और अंतिम मुआवजा या फिर अंतरिम मुआवजा प्रदान किया जा चुका है।

सरकारी अधिकारियों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार हादसे की जांच अभी अपने अंतिम चरण में है जिसके जल्द ही रिलीज करने की संभावना जतायी जा रही है।

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