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फ्रेंच ओपन 2026 में बनेगा नया इतिहास, मीरा आंद्रेयेवा और माया चावालिन्स्का के बीच खिताबी जंग

पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचीं दोनों खिलाड़ी।

पेरिस : इस वर्ष फ्रेंच ओपन महिला एकल प्रतियोगिता को एक नया चैंपियन मिलने जा रहा है। खास बात यह है कि जो भी खिलाड़ी खिताब जीतेगी, उसके करियर का यह पहला ग्रैंड स्लैम एकल खिताब होगा। शनिवार को रोलां गैरो के सेंटर कोर्ट पर खिताबी मुकाबले में रूस की मीरा आंद्रेयेवा और पोलैंड की माया चावालिन्स्का आमने-सामने होंगी।

दोनों खिलाड़ियों ने इससे पहले कभी किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह नहीं बनाई थी। ऐसे में यह मुकाबला न केवल खिताब के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि दोनों खिलाड़ियों के करियर का सबसे बड़ा मैच भी माना जा रहा है।

मीरा आंद्रेयेवा के पास अनुभव और रैंकिंग का फायदा

19 वर्षीय मीरा आंद्रेयेवा अपने प्रतिद्वंद्वी की तुलना में काफी आगे मानी जा रही हैं। वर्तमान में वह विश्व रैंकिंग में सातवें स्थान पर हैं और फ्रेंच ओपन में उन्हें आठवीं वरीयता मिली थी।

मीरा पहले भी बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी हैं। पेरिस ओलंपिक में उन्होंने युगल वर्ग में रजत पदक जीता था। इसके अलावा दो वर्ष पहले वह फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल तक भी पहुंच चुकी थीं। यही कारण है कि फाइनल में उन्हें अपेक्षाकृत अधिक अनुभवी खिलाड़ी माना जा रहा है।
क्वालीफाइंग से फाइनल तक माया की अविश्वसनीय यात्रा

दूसरी ओर 24 वर्षीय बाएं हाथ की खिलाड़ी माया चावालिन्स्का की कहानी किसी सपने से कम नहीं है। वर्तमान में वह विश्व रैंकिंग में 114वें स्थान पर हैं। इस वर्ष उन्होंने फ्रेंच ओपन के मुख्य ड्रॉ में सीधे प्रवेश नहीं पाया था और उन्हें क्वालीफाइंग दौर से होकर गुजरना पड़ा।

मुख्य प्रतियोगिता में जगह बनाने के लिए माया ने क्वालीफाइंग चरण के तीन मुकाबले जीते। इसके बाद उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए एक के बाद एक बड़े उलटफेर किए और फाइनल तक का सफर तय किया।

फाइनल में पहुंचने से पहले उन्होंने लगातार नौ मैच जीते। सबसे बड़ी उपलब्धि तब आई जब उन्होंने चार बार की फ्रेंच ओपन चैंपियन इगा श्वियातेक को पराजित कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

फाइनल से पहले माया ने कहा-“मैं जितनी दूर तक पहुंची हूं, वह मेरे लिए किसी सपने जैसा है। फाइनल में मैं पूरी तरह दबावमुक्त होकर खेलने उतरूंगी।”

माया से पहले केवल एक खिलाड़ी ऐसी रही हैं, जिन्होंने क्वालीफाइंग दौर से शुरुआत करके ग्रैंड स्लैम फाइनल तक का सफर तय किया था। वर्ष 2021 के यूएस ओपन में ब्रिटेन की एमा राडुकानू ने यह उपलब्धि हासिल की थी और बाद में खिताब भी अपने नाम किया था।

पुरुष वर्ग के सेमीफाइनल में रोमांचक मुकाबला

शुक्रवार को पुरुष एकल वर्ग के पहले सेमीफाइनल में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने मुकाबले की शानदार शुरुआत की। उन्होंने शुरुआती दो सेट जीतकर बढ़त बना ली थी।

हालांकि चेक गणराज्य के 20 वर्षीय युवा खिलाड़ी याकुब मेंसिक ने हार नहीं मानी और तीसरा सेट जीतकर मुकाबले को जीवित रखा। इस संघर्षपूर्ण मैच में रोमांच लगातार बना रहा।

29 वर्षीय अलेक्जेंडर ज्वेरेव वर्तमान में विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं, जबकि याकुब मेंसिक 27वें स्थान पर काबिज हैं। ऐसे में अनुभव और युवा जोश के बीच यह मुकाबला भी दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

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