आरजी कर मामले में CBI की जांच में कई तरह की खामियां होने का आरोप मृत डॉक्टर के माता-पिता ने लगाया है। शव बरामद होने के बाद क्राइम सीन पर किसी 'मछली बाजार' की तरह भीड़ का उमड़ना, ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जल्दबाजी में शव का दाह-संस्कार में कई लुपहोल्स के बारे में उन्होंने अदालत को बताया।
इसके साथ ही आरजी कर अस्पताल की मृत पीजीटी डॉक्टर के माता-पिता ने CBI पर निशाना भी साधा। शुक्रवार (5 जून) को अदालत में उन्होंने शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा कि हम जो जानकारियां देना चाहते हैं CBI उन्हें स्वीकार ही नहीं कर रहा है।
5 जून को सियालदह कोर्ट में तीन लोगों को गिरफ्तार करने का CBI द्वारा विरोध करने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा। इस मामले की अगली सुनवाई 11 जून को होगी। 30 जुलाई को CBI को मामले का स्टेटस रिपोर्ट जमा करना होगा।
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गत 13 मई को पीड़िता डॉक्टर के माता-पिता ने अपनी बेटी से दुष्कर्म और नृशंस हत्याकांड की घटना में पानीहाटी के तत्कालीन विधायक निर्मल घोष, सोमनाथ दास और संजीव मुखर्जी को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए सिलायदह अदालत में आवेदन किया था। 5 जून को इस मामले की सुनवाई के दौरान CBI की तरफ से कहा गया कि वर्तमान में इन तीनों के खिलाफ कोई फाउल क्लू नहीं मिला है।
CBI के वकील ने कहा कि सबूत छिपाने और षड्यंत्र करने का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं होने की वजह से निर्मल घोष, सोमनाथ दास और संजीव मुखर्जी को हम सप्लीमेंट्री चार्जशीट नहीं दे रहे हैं। गिरफ्तार करने लायक मेटेरियल नहीं है।
CBI के वकील अनुराग मोदी, पार्थसारथी दत्त ने कोर्ट को बताया कि CBI ने स्टेटस रिपोर्ट जमा कर दिया है। इसमें इन तीनों को गिरफ्तार करने लायक कुछ नहीं मिला है। इन लोगों में से कोई उस दिन गाड़ी में शव को लेकर आया था तो किसी ने शवदाह की व्यवस्था की थी। कोई आपराधिक हरकत नहीं की थी। वहीं पीड़िता के माता-पिता के वकील राजदीप मजूमदार ने कहा कि पुलिस को जिन लोगों ने निर्देश दिया था उनकी भूमिक की जांच की जाए।