काशी विश्वनाथ मंदिर के तर्ज पर हुगली का तारकेश्वर मंदिर भी सजाया जाएगा। जिला प्रशासन सूत्रों के हवाले से कुछ ऐसी ही जानकारी मिली है। बताया जाता है कि केंद्र और राज्य दोनों मिलकर यह पहल करने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने तारकेश्वर आ सकते हैं।
संभावना है कि उसी समय वह तारकेश्वर मंदिर के सुन्दरीकरण परियोजना कार्यक्रम का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन कर सकते हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी 20 जून को पश्चिम बंगाल दिवस के मौके पर तारकेश्वर आ सकते हैं।
CM योगी ने की थी घोषणा
विधानसभा चुनाव के दौरान हुगली के धनियाखाली में प्रचार सभा को संबोधित करते समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि तारकेश्वर मंदिर को बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर के तर्ज पर सजाया जाएगा।
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स्थानीय भाजपा नेता और प्रशासन का दावा है कि जल्द ही इस घोषणा को वास्तविकता का रूप दिया जाने वाला है। तारकेश्वर में प्रशासनिक बैठक के दौरान भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि तारकेश्वर मंदिर को नए रूप-रंग में सजाया जाएगा। उन्होंने मंदिर परिसर के पास मौजूद दूधपुकुर के दीवार के रंग को बदलने की सलाह भी दी थी।
राज्य सरकार को किया जाएगा हर तरह का सहयोग
तारकेश्वर मंदिर के महंत महाराज का कहना है कि मंदिर के विकास के लिए सरकार जो-जो करेगी हम उसमें पूरा सहयोग करेंगे। मंदिर के पुरोहित मंडली के एक सदस्य प्रद्यूत चट्टोपाध्याय ने कहा कि तारकेश्वर में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
खास तौर पर श्रावणी और चैत्र मेले में बड़ी संख्या में लोगों वहां पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि अगर मंदिर को काशी विश्वनाथ मंदिर के तर्ज पर सजाया जा सके तो बहुत अच्छा होगा। कुछ दिनों बाद ही प्रधानमंत्री मोदी आ रहे हैं। उम्मीद कर रहे हैं कि वह कुछ बड़ी घोषणा करेंगे। मंदिर के एक अन्य पुजारी ने कहा कि हम चाहते हैं कि तारकेश्वर को सुन्दर तरीके से सजाया जाए।
वहीं दूसरी ओर व्यवसायी सुभाष मजूमदार का कहना है कि नई सरकार से हमारा अनुरोध है कि तारकेश्वर को देश भर में प्रमुख तीर्थस्थल के तौर पर विकसित किया जाएगा। बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर को जैसे सजाया गया है, तारकेश्वर मंदिर को भी उसी प्रकार से सजाने की जरूरत है।
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इससे दर्शनार्थियों को काफी सुविधा तो होगी ही, साथ ही इलाके का भी आर्थिक विकास होगा। इस बारे में जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भविष्य में तारकेश्वर मंदिर को पूरी तरह से बदल दिया जाएगा। वर्तमान में भक्त जिस रास्ते से होकर तारकेश्वर मंदिर में बाबा (महादेव) के माथे पर जलाभिषेक करने जाते हैं, वह बहुत संकरा है। रास्ते के दोनों तरफ कई दुकानें हैं।
इसलिए भक्तों को काफी असुविधा होती है। मंदिर में प्रवेश करने और बाहर निकलने के रास्ते का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए अगर जरूरी हुआ तो आसपास की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। कुछ दुकानों को भी हटाया जा सकता है।