भांगड़ बम विस्फोट कांड में गिरफ्तार पूर्व तृणमूल विधायक शौकत मोल्ला के खिलाफ जांच एजेंसी NIA ने अदालत में कई आरोप लगाए हैं। NIA ने अदालत में स्पष्ट किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर ही NIA ने मामले की जांच की जिम्मेदारी अपने कंधे पर उठायी है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि भांगड़ में बम बनाते समय विस्फोट में जो व्यक्ति घायल हो गया था उसके साथ शौकत मोल्ला नियमित रूप से संपर्क में था।
मांगी हिरासत
सिर्फ वहीं नहीं बल्कि कॉल रिकॉर्ड को खंगालने के बाद NIA को पता चला कि घटना में शामिल एक अन्य अभियुक्त के साथ ही उनकी नियमित रूप से बात होती थी। सिर्फ संपर्क ही नहीं NIA का दावा है कि उन्हें कई तरह के निर्देश भी दिए जाते थे।
अदालत में बताया गया कि शौकत मोल्ला का फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। NIA का कहना है कि इस मामले की जांच बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच चुकी है। इसलिए पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लेना बहुत आवश्यक है।
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वहीं दूसरी ओर शौकत मोल्ला के वकील ने NIA की मांग को खारिज करते हुए जमानत के लिए आवेदन किया है। उनका कहना है कि मामले की पहली शिकायत में कहीं भी शौकत मोल्ला का नाम नहीं था। आशादूल मोल्ला की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दायर किया गया था। बाद में जांच जब आगे बढ़ी तब उनका नाम इसमें शामिल किया गया।
वकील का दावा, मौके पर नहीं थे शौकत
शौकत मोल्ला के वकील का दावा है कि जब विस्फोट हुआ तब वह मौके पर ही मौजूद नहीं थे। वह करीब 40 किलोमीटर दूर अपने घर पर थे। अदालत में उनके वकील ने दावा करते हुए कहा कि शौकत मोल्ला को यह भी नहीं पता था कि विस्फोट की यह घटना घटी है।
इसके साथ ही उन्होंने (वकील ने) सवाल उठाया कि जो व्यक्ति लंबे समय से Z+ सुरक्षा और हर वक्त पुलिस सुरक्षा के घेरे में रहता है, वह कैसे गुप्त तरीके से ऐसी किसी घटना से जुड़ा हो सकता है?