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बर्धमान जॉब स्कैम में बड़ा खुलासा, पुलिस हिरासत में मुख्य आरोपी शेख अकबर अली उर्फ राजीव

पूर्व विधायक खोकोन दास के नाम की भी जांच में चर्चा, फर्जी नियुक्ति पत्र और सर्विस बुक बरामद होने का दावा।

बर्धमान : नौकरी दिलाने के नाम पर कथित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पहले ही एक दंपति और उनके बेटे को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने इस कथित ठगी गिरोह के मुख्य सरगना बताए जा रहे शेख अकबर अली उर्फ राजीव को भी गिरफ्तार कर लिया है।

शनिवार को राजीव को बर्दवान अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ने उसे पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इस मामले की प्राथमिकी (एफआईआर) में कंचननगर निवासी एक व्यक्ति खोकोन दास का नाम भी दर्ज है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह वही खोकोन दास हैं जो बर्धमान दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रह चुके हैं। इस संबंध में सत्यता की पुष्टि के लिए पुलिस राजीव से लगातार पूछताछ कर रही है।

31 मई को बर्धमान थाने में नजरुलपल्ली निवासी पिंटू दास ने इस कथित धोखाधड़ी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने जीटी रोड, बर्धमान निवासी स्वरूप दत्त, उनकी पत्नी श्रावणी दत्त और उनके पुत्र सौरभ दत्त का नाम लिया था।

पिंटू दास का आरोप है कि इन तीनों ने सरकारी कार्यालयों में ग्रुप-सी पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे और उनके जैसे कुल 11 लोगों से कई किश्तों में नकद तथा चेक के माध्यम से लगभग 55 लाख रुपये वसूले। आरोप के अनुसार, नौकरी दिलाने का विश्वास दिलाने के लिए इन लोगों ने कथित रूप से नकली नियुक्ति पत्र, सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) और प्रशिक्षण संबंधी दस्तावेज भी उपलब्ध कराए थे।

शिकायतकर्ता का कहना है कि जब वह और अन्य अभ्यर्थी इन दस्तावेजों के आधार पर नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि वे धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने 1 जून को स्वरूप दत्त, श्रावणी दत्त और सौरभ दत्त को गिरफ्तार कर लिया था। तलाशी के दौरान पुलिस को विभिन्न सरकारी विभागों के नाम पर तैयार किए गए कथित फर्जी नियुक्ति पत्र, सर्विस बुक और प्रशिक्षण पत्र भी बरामद हुए थे।

बर्धमान अदालत ने तीनों आरोपियों को 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। हिरासत के दौरान पूछताछ में पुलिस को इस कथित ठगी नेटवर्क के मुख्य संचालक राजीव के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस परिवार के पूर्व विधायक खोकोन दास के साथ घनिष्ठ संबंध थे। पुलिस के हाथ इस संबंध में कुछ तस्वीरें और अन्य सूचनाएं भी लगी हैं। पिंटू दास द्वारा दर्ज शिकायत में भी एक खोकोन दास का नाम शामिल है। हालांकि, शिकायत में उनके पिता का नाम अज्ञात बताया गया है।

पिंटू दास ने कहा- “मैं खोकोन दास के पिता का नाम नहीं जानता था, इसलिए उसे शिकायत में दर्ज नहीं कर पाया। पूरे शहर को पता है कि इस परिवार के संबंध तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक से बेहद करीबी रहे हैं। मेरा मानना है कि वह भी इस पूरे नेटवर्क में शामिल हैं।”

पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार राजीव से पूछताछ इस मामले की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि कथित धोखाधड़ी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

उधर रंगदारी, वसूली और धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में पुलिस ने जमालपुर-1 पंचायत के तृणमूल कांग्रेस सदस्य धानु सूत्रधर को गिरफ्तार किया है।

उन पर आरोप है कि उन्होंने स्थानीय लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने, आवास योजना के तहत मकान उपलब्ध कराने और घर निर्माण से जुड़े विभिन्न कार्यों के नाम पर धनराशि ली थी। इलाके के कई निवासियों ने उनके रहन-सहन और जीवनशैली को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

जमालपुर थाने के सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार धानु सूत्रधर को रविवार को बर्धमान के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत में पेश किया जाएगा।

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