नई दिल्लीः आम उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का सामना करना पड़ेगा। घरेलू उपयोग वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। 6 जून की मध्यरात्रि से लागू नई दरों के तहत 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की वृद्धि हुई है। वहीं 5 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर की कीमत 10.50 रुपये बढ़ाई गई है।
यह पिछले तीन महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की दूसरी मूल्य वृद्धि है। इससे पहले मार्च में भी रसोई गैस के दाम बढ़ाए गए थे।
महानगरों में नई कीमतें लागू
नई दरों के बाद दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। कोलकाता में उपभोक्ताओं को अब एक सिलेंडर के लिए 968 रुपये चुकाने होंगे। हालांकि विभिन्न राज्यों में स्थानीय करों और शुल्कों के कारण कीमतों में कुछ अंतर हो सकता है।
इस वर्ष 6 मार्च को तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की थी। उस समय सिलेंडर का मूल्य 879 रुपये से बढ़कर 939 रुपये हो गया था। इसके बाद कई बार वाणिज्यिक गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ, लेकिन घरेलू सिलेंडर की कीमतें स्थिर रखी गई थीं।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। क्षेत्र के कई हिस्सों में कच्चे तेल और गैस उत्पादन प्रभावित हुआ है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बढ़ा है।
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में आपूर्ति और कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है।
घरेलू बजट पर बढ़ेगा असर
रसोई गैस की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। दैनिक जरूरतों की बढ़ती लागत के बीच यह फैसला घरेलू खर्चों को और प्रभावित करने वाला माना जा रहा है।