नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय की 45 वर्षीय प्राध्यापिका देवस्मिता पाल की हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले के एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने संकेत दिया है कि इस जघन्य अपराध के पीछे संपत्ति विवाद मुख्य कारण हो सकता है, हालांकि अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दंपति पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले के निवासी हैं और उन्होंने लगभग 1,400 किलोमीटर की यात्रा कर दिल्ली पहुंचकर इस वारदात को अंजाम दिया। जांच अधिकारियों का अनुमान है कि दोनों आरोपी देवस्मिता पाल के पहले से परिचित थे। संपत्ति संबंधी विवाद के अलावा इस हत्या के पीछे कोई अन्य कारण भी हो सकता है या नहीं, इसकी भी गहन जांच जारी है।
यह घटना दिल्ली के पूर्वी क्षेत्र स्थित वसुंधरा एन्क्लेव के सत्यम अपार्टमेंट में सामने आई, जहां देवस्मिता पाल अकेली रहती थीं। वर्ष 2022 में वे अपने पति से अलग हो गई थीं, जो वर्तमान में बेंगलुरु में रहते हैं। सीसीटीवी फुटेज में एक पुरुष और एक महिला को चेहरे ढके हुए अपार्टमेंट परिसर में प्रवेश करते और कुछ समय बाद बाहर निकलते हुए देखा गया है। बताया गया है कि घटना के समय देवस्मिता का फ्लैट बाहर से बंद था।
गुरुवार दोपहर को जब देवस्मिता की बहन देवव्रती लंबे समय तक संपर्क नहीं कर पाई, तो वे स्वयं फ्लैट पर पहुंचीं। दरवाजा बाहर से बंद था, जिसे तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर उन्होंने अपनी बहन का खून से लथपथ शव देखा। पुलिस ने जानकारी दी है कि देवस्मिता के सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे और उनके हाथ की नसें कटी हुई पाई गई।