कोलकाताः कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में सोमवार को सुबह से आंशिक बादल छाए रहे, लेकिन वातावरण में नमी का स्तर अधिक रहने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार दिन चढ़ने के साथ बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है और दोपहर बाद कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बीरभूम, नदिया, मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना तथा पूर्व मेदिनीपुर के विभिन्न इलाकों में बिखरी हुई वर्षा दर्ज हो सकती है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
कोलकाता में राहत नहीं, पारा 40 डिग्री से अधिक महसूस होगा
राजधानी कोलकाता में फिलहाल उमस से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। शहर का अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। आर्द्रता 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जिससे वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस होगी। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि ‘फील्स लाइक’ तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। शहर में 7 से 10 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
9 जून को भी मौसम की स्थिति लगभग इसी तरह बनी रहने की उम्मीद है। दक्षिण बंगाल में बड़े स्तर पर किसी बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
उत्तर बंगाल में भारी बारिश का दौर, कई जिलों के लिए अलर्ट
दूसरी ओर उत्तर बंगाल में प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर के कुछ हिस्सों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 11 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है।
दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कूचबिहार में भी भारी बारिश का अनुमान है। इन जिलों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार से पांच दिनों तक उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में बारिश का यह दौर जारी रह सकता है।
बुधवार से उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर में भी वर्षा की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। शनिवार तक पूरे उत्तर बंगाल में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
जलभराव और भूस्खलन का खतरा
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। वहीं दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। इससे सड़क यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
तेजी से आगे बढ़ रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून भी अनुकूल परिस्थितियों के बीच लगातार आगे बढ़ रहा है। 4 जून को केरल पहुंचने के बाद 7 जून तक यह नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम के सभी हिस्सों के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, असम और त्रिपुरा के बड़े क्षेत्रों में प्रवेश कर चुका है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन से चार दिनों के दौरान मानसून सिक्किम, उत्तर बंगाल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के और अधिक हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। दक्षिण बंगाल में भी बुधवार या गुरुवार तक मानसून के पूर्ण रूप से पहुंचने की प्रबल संभावना है। इसके बाद वर्षा का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं।
सामान्य से थोड़ी कम होगी बारिश
मौसम विभाग के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष पूरे देश में मानसून के दौरान कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत (एलपीए) के लगभग 92 प्रतिशत रहने की संभावना है। यह सामान्य से थोड़ा कम माना जाता है। हालांकि मानसून के शुरुआती चरण में पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल में अच्छी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
किसानों और शहरवासियों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उत्तर बंगाल में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए फसलों की सुरक्षा और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की जरूरत बताई गई है। वहीं शहरी क्षेत्रों के लोगों को जलजमाव, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं से बचाव के लिए सावधानी बरतने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बुधवार से हवा की दिशा में बदलाव के साथ दक्षिण बंगाल में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी मौसम का असर और अधिक स्पष्ट दिखाई देगा।