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भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ा तनाव, 60 हजार बीजीबी जवानों की तैनाती

पुशबैक की घटनाओं को रोकने के लिए 26 जिलों में चौबीसों घंटे निगरानी बढ़ाई गई।

By प्रियंका महतो

Jun 08, 2026 20:19 IST

नई दल्ली : भारत की सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा महिलाओं और बच्चों सहित विभिन्न व्यक्तियों को कथित रूप से पुशबैक किए जाने की घटनाओं को रोकने के लिए बांग्लादेश की 26 सीमावर्ती जिलों में लगभग 60 हजार बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) कर्मियों को तैनात किया गया है। बांग्लादेश के सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बीजीबी बल की सीमा पर तैनाती पहले कभी नहीं देखी गई। यह बल चार अलग-अलग शिफ्टों में 24 घंटे सीमा की निगरानी कर रहा है। इस अभियान में स्थानीय निवासी भी बीजीबी की सहायता कर रहे हैं।

बीजीबी का दावा है कि पिछले बुधवार से शनिवार तक चार दिनों के भीतर उसने बीएसएफ द्वारा किए गए 21 पुशबैक प्रयासों को विफल किया। बीजीबी के अनुसार, इन चार दिनों में 200 से अधिक व्यक्तियों को बांग्लादेश की ओर वापस भेजने का प्रयास किया गया था।

इसी पुशबैक विवाद और सीमा पर कांटेदार तार की बाड़ लगाने के मुद्दे पर मंगलवार, 9 जून को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल तथा राज्य पुलिस महानिदेशक सिद्धिनाथ गुप्ता के साथ चर्चा करेंगे। सूत्रों के अनुसार, सप्ताह के अंत तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर सकते हैं। उनके उत्तर बंगाल स्थित चिकन नेक क्षेत्र के निकटवर्ती इलाकों का निरीक्षण करने की भी संभावना है।

रविवार को कोलकाता के न्यू टाउन में भारतीय जनता पार्टी के प्रशिक्षण शिविर के एक कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि 4 मई को राज्य में सत्ता संभालने के बाद से अब तक 4,800 घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस भेजा गया है।

कुछ दिन पहले सीमा सुरक्षा बल के एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि “स्मार्ट बॉर्डर” विकसित कर देश को घुसपैठ-मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि बांग्लादेश से लगने वाले पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा के जिन सीमावर्ती क्षेत्रों में अभी तक कांटेदार तार की बाड़ नहीं लगाई गई है, वहां यह कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। शाह के निर्देशों के अनुरूप पश्चिम बंगाल की विभिन्न सीमाओं पर बाड़ लगाने के लिए आवश्यक भूमि भी राज्य सरकार द्वारा बीएसएफ को सौंप दी गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों के एक वर्ग का मानना है कि भारत की ओर से सीमा पर बढ़ती सक्रियता के साथ-साथ तनाव भी बढ़ रहा है। पिछले लगभग डेढ़ सप्ताह से भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ और बीजीबी के बीच जारी इस तनावपूर्ण माहौल के बीच सोमवार को नई दिल्ली में दोनों बलों के महानिदेशक स्तर की 57वीं सम्मेलन बैठक शुरू होने जा रही है।

चार दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में सीमा की वर्तमान स्थिति, अवैध पुशबैक, सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों की मौत तथा समग्र सीमा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। बीजीबी ने इसकी जानकारी दी है।

बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहउद्दीन अहमद ने कहा है कि सीमा क्षेत्रों में अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों की नियमित कार्रवाई जारी है। हालांकि, रणनीतिक कारणों से विशेष अभियानों की जानकारी पहले से सार्वजनिक नहीं की जाती।

बीजीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार भारत के पांच राज्यों से लगने वाली बांग्लादेश की 26 जिलों की सीमाओं पर फैले 4,487 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में नियमित गश्त के साथ-साथ सादे कपड़ों में खुफिया गतिविधियां भी बढ़ा दी गई हैं। बीजीबी मुख्यालय के सूत्रों का कहना है कि जिन सीमा बिंदुओं से पुशबैक की आशंका है, उनकी पहचान कर ली गई है और उन क्षेत्रों में गश्त तथा खुफिया निगरानी को और अधिक सशक्त बनाया गया है।

इस बीच रविवार को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी सदर ब्लॉक के नगरबेरू बाड़ी ग्राम पंचायत क्षेत्र में भारत-बांग्लादेश सीमा के जीरो प्वाइंट पर 10 कथित घुसपैठिए फंसे हुए हैं। जानकारी के अनुसार ये लोग अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर आए थे और यहां के फर्जी आधार कार्ड भी बनवा लिए थे।

बताया जा रहा है कि अब उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वे स्वयं को भारतीय नागरिक बता रहे हैं। दूसरी ओर, बांग्लादेश का पक्ष यह है कि उन्हें वापस नहीं लिया जाएगा क्योंकि वे भारतीय नागरिक होने का दावा कर रहे हैं। शनिवार से यह जटिल स्थिति बनी हुई है और अभी तक इसका समाधान नहीं निकल पाया है।

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