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'बालेन शाह अब करें भारत का दौरा', नेपाली PM को एक्‍सपर्ट ने दी भारत जाने की सलाह, गिनाए फायदे

बालेन शाह अब करें भारत का दौरा, नेपाली पीएम को विशेषज्ञों की सलाह; बताए दोनों देशों के लिए बड़े फायदे

By लखन भारती

Jun 09, 2026 17:20 IST

नेपाल और भारत के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में कई उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं। हालांकि, हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक कदम देखने को मिले हैं। इसी क्रम में नेपाल के दो प्रमुख नेताओं की हालिया भारत यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को भी भारत का दौरा करना चाहिए, जिससे दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती मिल सकती है।

नेपाल की सत्तारूढ़ राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े नेताओं की नई दिल्ली यात्रा ने द्विपक्षीय रिश्तों को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के प्रमुख रबी लामिछाने ने हाल ही में भारत का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत के शीर्ष नेताओं और अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन मुलाकातों को दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और भरोसे का संकेत माना जा रहा है।

विशेषज्ञ ऋषि सूरी ने अपने एक लेख में कहा है कि दक्षिण एशिया की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भारत और नेपाल अपने रिश्तों को व्यावहारिक सहयोग के आधार पर आगे बढ़ा रहे हैं। दोनों देश व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, जल संसाधन, शिक्षा, पर्यटन और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर लगातार बातचीत कर रहे हैं।

विदेश मंत्री शिशिर खनाल की भारत यात्रा को खास महत्व दिया जा रहा है। नई दिल्ली में उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। किसी नेपाली विदेश मंत्री का भारत के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी के साथ इस स्तर पर संवाद दोनों देशों के बीच रणनीतिक विश्वास और सहयोग को दर्शाता है। इस मुलाकात में क्षेत्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और आपसी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

खनाल की यात्रा से पहले आरएसपी प्रमुख रबी लामिछाने भी भारत पहुंचे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इन बैठकों ने यह संकेत दिया कि नेपाल और भारत अपने संबंधों को नए दौर में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

इसी पृष्ठभूमि में अब सवाल उठ रहा है कि क्या प्रधानमंत्री बालेन शाह को भी जल्द भारत का दौरा करना चाहिए। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इसका जवाब ‘हां’ है। बालेन शाह नेपाल की राजनीति में नई पीढ़ी का चेहरा माने जाते हैं। वे सिर्फ एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि बदलते नेपाल की आकांक्षाओं और नई सोच का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में भारत के साथ उनका सीधा संवाद दोनों देशों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बालेन शाह की भारत यात्रा केवल औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं होगी, बल्कि इससे दोनों देशों के संबंधों की भविष्य की दिशा तय करने में मदद मिलेगी। भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा, सांस्कृतिक निकटता, धार्मिक संबंध और ऐतिहासिक जुड़ाव सदियों पुराने हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्ते इतने गहरे हैं कि लाखों लोग हर साल बिना वीजा के एक-दूसरे के देशों में आते-जाते हैं।

नेपाल इस समय आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के निर्माण, तकनीकी प्रगति और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दे रहा है। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए क्षेत्रीय सहयोग और आर्थिक साझेदारी की जरूरत है। भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार होने के साथ-साथ निवेश और विकास परियोजनाओं का भी प्रमुख सहयोगी है।

ऊर्जा क्षेत्र को दोनों देशों के बीच सहयोग का सबसे बड़ा अवसर माना जा रहा है। नेपाल के पास जलविद्युत उत्पादन की अपार क्षमता है, जबकि भारत की ऊर्जा जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं। सीमा पार बिजली व्यापार पहले से जारी है और इससे नेपाल को अच्छा राजस्व मिल रहा है। यदि दोनों देश ऊर्जा अवसंरचना और ट्रांसमिशन नेटवर्क को और मजबूत करते हैं तो यह नेपाल की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है।

बालेन शाह की संभावित भारत यात्रा का राजनीतिक महत्व भी कम नहीं है। लंबे समय से नेपाल-भारत संबंधों पर सीमा विवाद और राजनीतिक मतभेदों का असर देखने को मिला है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मतभेदों के बावजूद दोनों देशों के रिश्तों की बुनियाद काफी मजबूत है। साझा संस्कृति, धर्म, भाषा और पारिवारिक संबंध इन रिश्तों को विशेष बनाते हैं।

नेपाल और भारत के बीच हजारों छात्र, व्यापारी, तीर्थयात्री और पेशेवर हर साल आवाजाही करते हैं। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं भी कई स्तरों पर एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि पुराने विवादों को पीछे छोड़कर भविष्य के अवसरों पर ध्यान दिया जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बालेन शाह भारत का दौरा करते हैं तो ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल तकनीक, शिक्षा, पर्यटन और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों में सहयोग का नया रोडमैप तैयार किया जा सकता है। इससे यह संदेश भी जाएगा कि दोनों देश आपसी विश्वास को मजबूत करते हुए विकास और समृद्धि की दिशा में साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।

हालिया नेपाली नेताओं की भारत यात्राओं ने सकारात्मक माहौल तैयार किया है। अब सभी की नजर प्रधानमंत्री बालेन शाह पर है। माना जा रहा है कि उनकी भारत यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ सकती है और दक्षिण एशिया के दो महत्वपूर्ण पड़ोसियों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

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