पिछले कुछ दिनों में तृणमूल के प्रत्येक बागी सांसद ने अभिषेक बनर्जी को अपने निशाने पर लिया है। काकोली घोष दस्तीदार से लेकर सुखेंदुशेखर राय, ऋतव्रत बंद्योपाध्याय, संदीपन साहा...सभी ने उन पर ही निशाना साधा है।
अब तक अन्य नेताओं को सांसद कल्याण बनर्जी को हमेशा ही पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की तरफ से करारा जवाब देते हुए देखा गया था लेकिन इस बार उनके बोल कुछ बिगड़े हुए नजर आ रहे हैं। गुरुवार (11 जून) को अभिषेक बनर्जी के मामले से कल्याण बनर्जी ने खुद को अलग कर लिया।
कल्याण बनर्जी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, 'उनका घमंड, व्यवहार असहनीय हो गया है...मुझे वह डस्टबीन न समझें।' मीडिया से बात करते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि 11 जून को हाई कोर्ट में अभिषेक बनर्जी की तरफ से मामले की वह सुनवाई करने वाले थे।
उन्होंने कहा कि मंगलवार (9 जून) को कैमक स्ट्रीट और दीदी की ऑफिस में तलाशी अभियान चलाया गया। मैं दिल्ली से लौटकर तलाशी के समय वहां गया। कल (10 जून) की सुबह न्यायाधीश कौशिश चंद के पास इसका उल्लेख भी किया। कहा कि मैटर अर्जेंट हैं। किसी भी समय कुछ भी हो सकता है।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: TMC MP and senior advocate Kalyan Banerjee says, "...I will not appear for Abhishek Banerjee in any case because I do not like his arrogant attitude. I have spent 45 years in this profession; all these people have worked with me as juniors. How can pic.twitter.com/U7yBIXDdqP
— ANI (@ANI) June 11, 2026
सांसद कल्याण बनर्जी ने आगे कहा कि इसके बाद न्यायाधीश ने आज सुनवाई की बात कही। इसके बाद एक अन्य वकील ने कहा कि तलाशी अभियान को लेकर अलग से रिट पिटिशन दायर किया है। मैंने कहा कि दायर करने से पहले कुछ बताए नहीं? उन्होंने कहा कि ऊपर से आदेश आया था।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि मैं उनका मैटर अब कभी नहीं लडूंगा। उनका घमंड, व्यवहार असहनीय हो गया है। इस समय भी मैं दीदी के साथ खड़ा हूं। रिस्क लेकर सभी जगहों पर जा रहा हूं। इसके बावजूद अपमान करने का आदत नहीं बदला। सबको कैमक स्ट्रीट का कर्मचारी समझते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले 45 सालों से मैं इस पेशे में हूं लेकिन उनका इतना घमंड है कि वह किसी का सम्मान नहीं करते हैं। मैंने सुबह डेरेक (ओ'ब्रायन) से बोल दिया है कि दीदी से कह दे कि अभिषेक बनर्जी रहेंगे या कौन रहेगा अब दीदी ही चुन लें। अभिषेक की वजह से पार्टी में बहुत कुछ हो गया है। अब दीदी ही तय करें कि अभिषेक को लेकर चलेंगी या हमारे जैसे कार्यकर्ताओं के साथ चलेंगी।