लखनऊ : गलगोटियास विश्वविद्यालय के छात्रों ने अहमदाबाद स्थित ईकेए एरिना में 4 जून से 8 जून 2026 तक आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में पाँच स्वर्ण पदक जीतकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
इस उद्घाटन अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में 79 देशों के 522 खिलाड़ियों ने विभिन्न योगासन विधाओं और आयु वर्गों में भाग लिया। योगासन भारत द्वारा विश्व योगासन और भारतीय ओलंपिक संघ के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता को अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय योगासन प्रतिस्पर्धात्मक मंच माना जा रहा है। प्रतियोगिता में भारत ने कुल 114 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जिनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल हैं।
भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए गलगोटियास विश्वविद्यालय के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने कलात्मक, पारंपरिक और व्यक्तिगत श्रेणियों में पदक हासिल किए। ऋतु मंडल, बीए अर्थशास्त्र की प्रथम वर्ष की छात्रा ने पारंपरिक व्यक्तिगत और पारंपरिक समूह श्रेणियों में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। रिया, बीए अंग्रेज़ी की प्रथम वर्ष की छात्रा, ने वरिष्ठ वर्ग के सुपाइन व्यक्तिगत इवेंट में स्वर्ण पदक जीता।
दीपा लोधी बीए अंग्रेजी की प्रथम वर्ष की छात्रा जिन्होंने जूनियर वर्ग में भाग लिया और कलात्मक जोड़ी और कलात्मक समूह श्रेणियों में स्वर्ण पदक हासिल किए। इस चैंपियनशिप में पारंपरिक योगासन, कलात्मक एकल, कलात्मक जोड़ी, कलात्मक समूह, रिदमिक जोड़ी तथा विशेष लचीलापन और संतुलन जैसी स्पर्धाएँ शामिल थीं।
गलगोटियास विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ ध्रुव गलगोटिया ने कहा 79 देशों के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयारी निरंतरता और अनुशासन के बहुत उच्च स्तर की आवश्यकता होती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाँच स्वर्ण पदक जीतना हमारे छात्रों और भारतीय योगासन दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
दीपा लोधी ने कहा इस चैंपियनशिप का स्तर मेरे पहले के अनुभवों से बिल्कुल अलग था। अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के साथ प्रतिस्पर्धा ने मुझे वैश्विक स्तर की तैयारी का महत्व समझाया।
रिया ने कहा हर श्रेणी में मजबूत अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के कारण प्रतिस्पर्धा बेहद कठिन थी। यहाँ जीतने से मुझे आगे बड़े चैंपियनशिप की तैयारी के लिए आत्मविश्वास मिला है।
ऋतु मंडल ने कहा इस आयोजन ने दिखाया कि योगासन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी तेजी से बढ़ रहा है। हमारे लिए यह भारत में उत्पन्न इस खेल में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर था।
इस उपलब्धि ने खेल, नवाचार, उद्यमिता, प्रौद्योगिकी और वैश्विक शैक्षणिक प्रतिस्पर्धाओं में गलगोटियास विश्वविद्यालय की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को और मजबूत किया है, जहाँ छात्र दुनिया भर के प्रमुख संस्थानों और देशों के प्रतिभागियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
गलगोटियास विश्वविद्यालय के बारे में
गलगोटियास विश्वविद्यालय भारत के प्रमुख बहुविषयक विश्वविद्यालयों में से एक है, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध, नवाचार, वैश्विक सहयोग और उद्योग-संरेखित शिक्षा के लिए जाना जाता है। 50,000 से अधिक छात्रों और 1,00,000 से अधिक पूर्व छात्रों के वैश्विक नेटवर्क के साथ यह विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, अंतर्विषयक अध्ययन और वास्तविक दुनिया के प्रभाव पर केंद्रित एक सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर रहा है।
क्वाक्वेरेली साइमंड्स द्वारा जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में गलगोटियास विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर 1201–1400 बैंड में स्थान मिला और भारत के निजी विश्वविद्यालयों में 15वाँ तथा समग्र विश्वविद्यालयों में 43वाँ स्थान प्राप्त हुआ। टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में इसे 1201–1500 बैंड में स्थान मिला और भारत के निजी विश्वविद्यालयों में 27वाँ तथा समग्र विश्वविद्यालयों में 65वाँ स्थान मिला। विश्वविद्यालय को एनएएसी ए+ मान्यता भी प्राप्त है, जो भारत की उच्चतम संस्थागत गुणवत्ता रेटिंग में से एक है।
विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, व्यवसाय, कानून, मीडिया, डिजाइन, स्वास्थ्य विज्ञान, हॉस्पिटैलिटी, लिबरल एजुकेशन और उभरते अंतर्विषयक क्षेत्रों में कार्यक्रम प्रदान करता है। वर्ष 2026 में छात्रों को 1,250 से अधिक भर्तीकर्ताओं से 5,100 से अधिक नौकरी प्रस्ताव प्राप्त हुए। विश्वविद्यालय ने एप्पल, इंफोसिस, इंटेल, सिस्को, टाटा टेक्नोलॉजीज, एलएंडटी एडुटेक, कैपजेमिनी और सेल्सफोर्स जैसे संगठनों के साथ मजबूत उद्योग और नवाचार साझेदारियाँ स्थापित की है साथ ही स्टार्टअप और वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को भी लगातार मजबूत कर रहा है।