6 महीने की मियाद बाकी रहते हुए ही कोलकाता नगर निगम (KMC) के मेयर पद से फिरहाद हकीम ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद बंगाल की नगर व नगरोन्नयन मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा था कि KMC में प्रशासक की नियुक्ति की जाएगी।
सोमवार (8 जून) को कोलकाता नगर निगम के बोर्ड को भंग कर प्रशासक की नियुक्ति कर दी गयी। KMC की कमिश्नर स्मिता पांडे को ही प्रशासक नियुक्त किया गया है। इस बाबत विज्ञप्ति भी जारी कर दी गयी है।
The West Bengal government has dissolved the Kolkata Municipal Corporation with immediate effect and appointed the Municipal Commissioner as Administrator for up to six months or until newly elected councillors assume office, whichever is earlier. pic.twitter.com/J3gTuXU8ft
— IANS (@ians_india) June 8, 2026
इस विज्ञप्ति में बताया जाता है कि अधिकतम 6 माह अथवा जब तक नई चयनित बोर्ड का गठन नहीं हो जाता है तब तक वहीं जिम्मेदारी संभालेंगी। 8 जून को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि KMC के बोर्ड को भंग कर दिया जा रहा है।
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इसलिए मेयर, डेप्यूटी मेयर, मेयर-इन-काउंसिल, काउंसिलर और अन्य कोई भी कमेटी का सदस्य पद भी अब नहीं रहा। ऐसी स्थिति में KMC की सभी जिम्मेदारियों और प्रशासनिक कार्यों को संभालने का काम KMC की कमिश्नर स्मिता पांडे करेंगी जिन्हें प्रशासक नियुक्त किया गया है।
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विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि वह राज्य सरकार के निर्देशानुसार KMC के सभी कार्यों का संचालन करेंगी। उन्हें अगले 6 महीने के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी जा रही है अथवा जब तक चयनित पार्षद अपनी जिम्मेदारियां नहीं संभाल लेते, तब तक। इन दोनों में से यानी 6 महीने का समय अथवा पार्षदों का चुनाव, जो पहले होगा, प्रशासक तब तक ही काम करेंगी।