अगर आप प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थी हैं, तो आपके लिए एक बुरी खबर है। केंद्र सरकार ने सोमवार (8 जून) को सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या कम करने की घोषणा की है। अब से साल में सिर्फ 4 सिलेंडरों पर ही उज्जवला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
ndtv की मीडिया रिपोर्ट में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खानूजा के हवाले से इस फैसले का कारण भी बताया गया।
उन्होंने बताया कि यह फैसला लोगों की औसत सालाना गैस खपत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार का मानना है कि उज्जवला गैस योजना के लाभार्थी साल में औसतन इतने ही सिलेंडरों का इस्तेमाल करते हैं।
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बता दें, मई 2016 में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (PMUY) की शुरुआत की गयी थी। पहले लाभार्थियों को साल में 14.2 किलो के 12 सिलेंडरों पर सब्सिडी मिलती थी। बाद में इसे घटाकर 9 किया गया और अब इसे 4 कर दिया गया है।
क्या कहता है नया नियम?
PMUY के लाभार्थियों को साल के पहले 4 सिलेंडरों पर ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलती रहेगी। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी। सब्सिडी के बाद लाभार्थियों को पहले चार सिलेंडरों की कीमत प्रति सिलेंडर ₹642 पड़ेगी (यह दिल्ली की वर्तमान सिलेंडर की कीमत ₹942 के आधार पर है)।
जैसे ही 5वां सिलेंडर बुक किया जाएगा PMUY के लाभार्थियों को बिना सब्सिडी के ही पूरी कीमत चुकानी पड़ेगी।
खानूजा ने आगे कहा कि मध्य एशियाई देशों में युद्ध जैसे हालातों की वजह से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गैस के दाम बढ़े हैं। फिर भी भारत में रसोई गैस की कीमतें दुनिया के कई देशों से कम है।