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'मेरा सिर कटेगा लेकिन झुकेगा नहीं', ‘राष्ट्र हित’ का हवाला देकर विद्रोही TMC सांसद काकोली का बड़ा कदम

काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि हम 20 सांसदों ने मिलकर लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि हमारे बैठने के लिए अलग से व्यवस्था कर दी जाए।

By Moumita Bhattacharya

Jun 08, 2026 23:03 IST

बंगाल विधानसभा में फैले हंगामे के बीच लोकसभा में तृणमूल विभाजन की ओर बढ़ रही है। विद्रोही गुट की तृणमूल सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सोमवार को पार्टी के भीतर चल रहे आंतरिक संकट को और गहराते हुए लोकसभा अध्यक्ष से 20 सांसदों के अलग बैठने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया।

इस बारे में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम 20 सांसदों ने मिलकर लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि हमारे बैठने के लिए अलग से व्यवस्था कर दी जाए। हम केंद्र और राज्य सरकार के साथ समन्वय रखते हुए पश्चिम बंगाल के विकास की दिशा में काम करेंगे।

सत्ता गंवाने की वजह से ही छोड़ा पार्टी सुप्रीमो का साथ?

काकोली घोष दस्तीदार ने आगे कहा कि हम पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ सालों से फैली अराजकता, कुशासन और बेरोजगारी के खिलाफ हैं। किसी जमाने में ममता बनर्जी की विश्वासपात्र रह चुकी काकोली घोष दस्तीदार का अब मानना है कि 'राष्ट्र हित' ने ही उन्हें अपनी पूर्व नेता के खिलाफ जाने को मजबूर कर दिया है।

उनका कहना है कि हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। मैं ममता बनर्जी के साथ 40 वर्षों से जुड़ी रही हूं। सांसद ने इस बात का पूरी तरह से खंडन किया कि बंगाल में तृणमूल की सत्ता न होने की वजह से उन्होंने पार्टी सुप्रीमो का साथ छोड़ा है।

उन्होंने कहा कि पिछले 3-4 वर्षों में सरकारी अधिकारियों पर इस बात का बहुत दबाव था कि वे कुछ खास नेताओं के कहे अनुसार ही काम करें। हम राज्य के विकास के लिए, राष्ट्र हित और देश की सुरक्षा के लिए काम करना चाहते हैं। इसलिए हम अलग होकर काम करना चाहते हैं।

आगे जो होगा देखा जाएगा

विद्रोही तृणमूल सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कि वह राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेंगी। उन्होंने कहा कि मेरा सिर कटेगा लेकिन झुकेगा नहीं...मैंने बहुत सह लिया। मैं यहां साल 2011 में ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद नहीं आयी। मैं पिछले 40 सालों से लड़ रही हूं। और जैसा मैंने पहले भी कहा है कि इन लोगों की बातों का मुझ पर कोई असर नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि तृणमूल से अलग होने का उनका फैसला पार्टी की वर्तमान स्थिति और पश्चिम बंगाल में शासन से जुड़ी समस्याओं को लेकर गहरी असंतोष से उत्पन्न हुआ है। आगे क्या होगा, यह बाद में देखा जाएगा। फिलहाल क्या यह काफी नहीं है कि हम बंगाल के लिए, देश के लिए और भारत को सुरक्षित रखने के लिए काम करना चाहते हैं? यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। हमारे लिए राष्ट्र का मुद्दा ही सबसे आगे है।

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