पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं। नई सरकार का गठन भी हो गया है और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री व मंत्रिमंडल ने अपना-अपना कार्यभार भी संभाल लिया है। क्या आप जानते हैं कि किसी राज्य के मुख्यमंत्री को कितना मासिक वेतन मिलता है? वेतन के अलावा और कौन-कौन सी सुविधाएं मुख्यमंत्री को दी जाती है?
विधानसभा चुनाव में सबसे चर्चित दो राज्य रहे - पश्चिम बंगाल, जहां तृणमूल की 15 सालों की सत्ता को परिवर्तित कर पहली बार शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा ने अपनी सरकार का गठन किया है। तमिलनाडु - जहां काफी जोड़-तोड़ के बाद आखिरकार अभिनेता से नेता बने थलपति विजय ने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने में सफलता पायी है।
आइए जानते हैं कितना होता है भारत के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों का वेतन? बता दें, देश के अलग-अलग राज्यों में बेसिक पे (Basic Pay) और विभिन्न प्रकार के भत्तों को मिलाकर मासिक वेतन भी अलग-अलग हो सकता है।
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
पश्चिम बंगाल में तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी को हराकर भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शुभेंदु अधिकारी ने जिम्मेदारी संभाली है। शुभेंदु अधिकारी को कितना वेतन मिलेगा इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट जानकारी तो नहीं मिल सकी है।
लेकिन पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री को आमतौर पर कितना वेतन और भत्ता मिलता है, इस बारे में उपलब्ध जानकारियों में बताया गया है कि वर्तमान में शुभेंदु अधिकारी का बतौर मुख्यमंत्री और बतौर विधायक मिलाकर कुल बेसिक पे करीब ₹1,50,000 है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद कि जिम्मेदारी लेते शुभेंदु अधिकारी Image : ANI
BBC की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इसके अलावा शुभेंदु अधिकारी को कुछ अन्य भत्ता भी मिलेगा जो उनके मासिक वेतन में जुड़ता होगा।
अतिथियों के स्वागत-सत्कार का भत्ता : लगभग ₹51,000
विधायक के तौर पर विधानसभा केंद्र में ऑफिस संचालन के लिए भत्ता : ₹48,000
मुख्यमंत्री ऑफिस में बैठने पर प्रतिदिन : ₹2,000 यानी मासिक ₹60,000 (अगर वह पूरे महीने मुख्यमंत्री ऑफिस में आते हैं।)
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यानी शुभेंदु अधिकारी को बेसिक पे व भत्ता मिलाकर हर महीने करीब ₹2,10,000 का वेतन मिलता है। इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर उन्हें कुछ और सुविधाएं भी मिलती हैं जिसमें Z+ सुरक्षा, सरकारी आवास, सरकारी खर्च पर इलाज, सरकारी खर्च पर दौरा और किसी भी सरकारी कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए अलग से भत्ता शामिल हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कितना पेंशन?
ममता बनर्जी ने हमेशा दावा किया है कि बतौर मुख्यमंत्री उन्होंने कभी भी वेतन नहीं लिया है। उनकी आय का मुख्य स्रोत उनके द्वारा लिखी किताबें और गीत रहे हैं। BBC की मीडिया रिपोर्ट में सरकारी दस्तावेजों के हवाले से दावा किया गया है कि चूंकि ममता बनर्जी लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। इसलिए उन्हें पूर्व सांसद के तौर पर ₹31,000 का पेंशन मिलेगा।
साथ ही बताया जाता है कि हर महीने उनके पेंशन में ₹2500 की वृद्धि होगी। बता दें, कोई नेता कितने दिनों तक सांसद रहा है, उसके आधार पर ही पेंशन का निर्धारण होता है। इसके अलावा ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर भी पेंशन मिलेगा जिसे जोड़कर उनका मासिक पेंशन ₹80,000 से ₹1,00,000 के बीच होने की संभावना है।
इसके साथ ही ममता बनर्जी को भी सरकारी आवास, विशेष सुरक्षा और सरकारी खर्च पर इलाज की सुविधा भी मुहैया करवायी जाएगी।
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय का वेतन?
बात अगर एक्टर से मुख्यमंत्री तक का सफर तय करने वाले तमिलनाडु के CM थलपति विजय की करें तो मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उन्हें ₹2.85 लाख से ₹3 लाख के बीच मासिक वेतन मिलता होगा।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय Image : ANI
Udayavani की मीडिया रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय का मासिक बेसिक पे ₹1.05 लाख, विधायक के तौर पर मासिक भत्ता ₹87,000 और ऑफिस के लिए मासिक ₹75,000 का आवंटन मिलता है। कुल मिलाकर थलपति विजय की वार्षिक आय करीब ₹34 लाख होगी। हालांकि एक सरकारी कर्मचारी होने के नाते थलपति विजय को भी इनकम टैक्स भरना पड़ेगा।
इसके साथ ही कर्नाटक के डेप्यूटी चीफ मिनीस्टर से मुख्यमंत्री बने डीके शिवकुमार का बेसिक पे ₹50,000 बताया जाता है। (कर्नाटक में डेप्यूटी चीफ मिनीस्टर और मुख्यमंत्री का बेसिक पे दोनों समान ही है।) इसके अलावा विभिन्न सरकारी भत्तों को जोड़कर उनका कुल मासिक वेतन ₹1,25,000 के आसपास होने की संभावना है।
इसके साथ बतौर विधायक उनका वेतन और अन्य भत्तों को जोड़कर उनका मासिक वेतन ₹1.5 लाख से ₹2 लाख के बीच हो सकती है। दैनिक जागरण की मीडिया रिपोर्ट की मानें तो बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बेसिक पे ₹2,15,000 है जिसके साथ कई भत्ते और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं।
देश में किस मुख्यमंत्री का वेतन सबसे और किसका सबसे अधिक?
BBC की मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश के सभी राज्यों में सबसे ज्यादा वेतन तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को मिलता है। बेसिक पे और अन्य सभी भत्तों को मिलाकर रेवंत रेड्डी का मासिक वेतन करीब ₹4,10,000 मिलता है।
वहीं देश में जिस मुख्यमंत्री को सबसे कम वेतन मिलता है वह त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा हैं। उन्हें ₹1,00,000 वेतन मिलता है। (हालांकि इसमें और कोई भत्ता जुड़ेगा या नहीं, इस बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है।) सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों को विशेष सुरक्षा, सरकारी खर्च पर इलाज और भ्रमण की सुविधा दी जाती है।