एवियन : फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें जी7 शिखर सम्मेलन के समापन पर सदस्य देशों के नेताओं ने संयुक्त घोषणा-पत्र जारी कर अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत किया तथा यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपने अटूट समर्थन को दोहराया। साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, ऊर्जा लचीलापन और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
संयुक्त घोषणा में जी7 नेताओं ने कहा कि वे यूक्रेन की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए एकजुट हैं। इसके तहत यूक्रेन को वायु रक्षा प्रणाली, इंटरसेप्टर मिसाइलें और लंबी दूरी तक मार करने वाली सैन्य क्षमताएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। साथ ही लाइसेंसिंग व्यवस्था के माध्यम से यूक्रेन के घरेलू सैन्य उत्पादन को बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा।
घोषणा-पत्र में यह भी कहा गया कि सर्दियों के मौसम से पहले यूक्रेन की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से तेल और गैस क्षेत्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों पर कड़े प्रतिबंधों को और सख्त करने की प्रतिबद्धता भी जताई गई।
जी7 देशों के नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और अमेरिका तथा ईरान के बीच उभरते शांति समझौते का स्वागत किया। घोषणा में कहा गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में हुए इस समझौते से ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने और उसकी क्षेत्रीय तथा बैलिस्टिक गतिविधियों से जुड़ी चिंताओं का समाधान तलाशने का अवसर मिलेगा।
इस बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शिखर सम्मेलन के समापन पर कहा कि ईरान, हिज्बुल्लाह और इजरायल को दोबारा संघर्ष का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का समर्थन करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और हिंसा की पुनरावृत्ति रोकने की आवश्यकता पर बल दिया।
यूक्रेन में जारी युद्ध के संदर्भ में मैक्रों ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित जी7 के अन्य नेता इस बात पर सहमत हैं कि फिलहाल रूस की ओर से शांति स्थापित करने की कोई गंभीर इच्छा दिखाई नहीं दे रही है। उनके अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने भी यह स्वीकार किया है कि रूस की वर्तमान नीति शांति की दिशा में ठोस प्रयासों का संकेत नहीं देती।
मैक्रों ने राष्ट्रपति ट्रंप की भूमिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अमेरिकी राष्ट्रपति पर विश्वास किया है और अमेरिका की हालिया प्रतिबद्धताओं का स्वागत करते हैं। उनके अनुसार, आज संयुक्त राज्य अमेरिका ने जो प्रतिबद्धता व्यक्त की है, वह अत्यंत महत्वपूर्ण है और इससे यूक्रेन के समर्थन तथा व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।