वॉशिंगटन डी. सी. : अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने एक कथित बड़े आतंकी षड्यंत्र का पर्दाफाश करने का दावा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जन्मदिन समारोह के दौरान व्हाइट हाउस पर हमला कर उन्हें निशाना बनाने की योजना तैयार की गई थी। इतना ही नहीं अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उद्योगपति इलॉन मस्क को भी कथित तौर पर हत्या की इस साजिश में लक्ष्य बनाया गया था।
पांच संदिग्धों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद एफबीआई ने अदालत में यह जानकारी दी है। मंगलवार को अदालत में पेश दस्तावेजों में एफबीआई ने बताया कि आरोपियों ने हमले के लिए विस्फोटकों से लैस ड्रोन का इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी। जांच एजेंसी के अनुसार 14 जून को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 80वें जन्मदिन के अवसर पर व्हाइट हाउस में आयोजित कार्यक्रम को निशाना बनाने की तैयारी की गई थी।
एफबीआई के मुताबिक हमले की योजना कई चरणों में तैयार की गई थी। आरोप है कि सबसे पहले व्हाइट हाउस के उत्तरी हिस्से पर ड्रोन हमला किया जाना था। इस हमले से कार्यक्रम में मौजूद मेहमानों के बीच दहशत और अफरा-तफरी फैलने की उम्मीद की गई थी। जैसे ही लोग जान बचाने के लिए भागते, पहले से घात लगाकर बैठे स्नाइपर उन पर अंधाधुंध गोलीबारी करते। इसके बाद जब पूरे परिसर में अराजकता चरम पर पहुंच जाती तब एक अन्य समूह व्हाइट हाउस का मुख्य द्वार तोड़कर भीतर प्रवेश करता और हमला शुरू करता।
जांच एजेंसी ने बताया कि इस कथित साजिश में शामिल होने के आरोप में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम है— टाइसन सी. प्रॉपर, अब्राहम हार्मोसिलो अल्वारेज, माइकल एलन थॉमस, डैनियल के. एस्क्रिज़ और ब्रायन ओमर रोआ।
एफबीआई के अनुसार सभी आरोपी टिकटॉक पर सक्रिय ‘वैनगार्ड ऑफ द ओल्ड’ नामक समूह से जुड़े हुए थे। इसी समूह के माध्यम से कथित तौर पर पूरी योजना बनाई गई। जांचकर्ताओं का दावा है कि माइकल एलन थॉमस इस षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार था, जबकि योजना को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी अब्राहम हार्मोसिलो अल्वारेज को सौंपी गई थी।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित रूप से कहा कि “अमेरिका का पुनर्निर्माण करने से पहले उसे नष्ट करना जरूरी है।” एफबीआई का मानना है कि इसी विचारधारा से प्रेरित होकर हमले की योजना बनाई गई थी।
अदालत में जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि एफबीआई को इस कथित षड्यंत्र की पहली जानकारी 10 जून को मिली थी यानी प्रस्तावित हमले से चार दिन पहले। 19 वर्षीय माइकल एलन थॉमस द्वारा बड़ी मात्रा में हथियार खरीदे जाने पर उसकी मां को संदेह हुआ था। बताया गया कि बेटे के पास इतनी संख्या में आग्नेयास्त्र देखकर वह हैरान रह गई थीं।
बाद में उन्होंने इंटरनेट पर अपने बेटे और उसके मित्रों के बीच हुई समूह चैट की बातचीत देखी। उन संदेशों की सामग्री ने उनके संदेह को और गहरा कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। एफबीआई का दावा है कि उसी सूचना के आधार पर जांच शुरू हुई और कथित साजिश का खुलासा हो सका।
जांच एजेंसी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से आग्नेयास्त्र भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा कथित हत्या और हमले को अंजाम देने के बाद किस प्रकार घटनास्थल से भागना है, इसकी भी अलग योजना तैयार की गई थी। एफबीआई फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।