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भारत में निवेश का सुनहरा अवसर, अब कदम बढ़ाइए; पीयूष गोयल ने निवेशकों और उद्योग जगत को दिया स्पष्ट संदेश

स्टार्टअप, डीप टेक और विनिर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की अपील, भारत को वैश्विक नवाचार और उत्पादन केंद्र बनाने पर जोर।

By श्वेता सिंह

Jun 16, 2026 19:29 IST

नई दिल्लीः केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वैश्विक निवेशकों, वेंचर कैपिटल फंड्स, कॉरपोरेट जगत और भारतीय निवेशकों से भारत में निवेश बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि देश का आर्थिक और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र नए अवसरों के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने निवेशकों को आगाह करते हुए कहा कि भारत में निवेश करने का समय अभी है और अवसरों का लाभ उठाने में अधिक देर नहीं करनी चाहिए।

फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं और देश में ऐसे कई सफल कारोबारी मॉडल विकसित हो चुके हैं, जिन्होंने अपनी क्षमता साबित की है।

निवेश के लिए तैयार है भारत का इकोसिस्टम

मंत्री ने कहा कि भारत का विशाल घरेलू बाजार, मजबूत नीतिगत ढांचा और सरकार का सहयोग निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों को बाजार से जोड़ने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है और देश में नवाचार आधारित उद्यमों के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं।

गोयल ने भारतीय फैमिली ऑफिस, घरेलू निवेशकों, वेंचर कैपिटल फंड्स और कॉरपोरेट कंपनियों से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें भविष्य की अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना चाहिए।

उद्योग और स्टार्टअप के बीच साझेदारी बढ़ाने पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने भारतीय उद्योग जगत से स्टार्टअप कंपनियों के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि विनिर्माण क्षेत्र में स्थापित उद्योग और नवाचार आधारित स्टार्टअप साथ आते हैं, तो भारत वैश्विक स्तर पर नई तकनीकों और उत्पादों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत को नवाचार की प्रयोगशाला और वैश्विक बाजार को अंतिम गंतव्य बनाने की दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाने चाहिए।

शोध और नवाचार में सहयोग की जरूरत

पीयूष गोयल ने शोध संस्थानों, विश्वविद्यालयों और उद्योग जगत से अनुसंधान एवं विकास (R&D) कार्यक्रमों में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि इस तरह की साझेदारी से वैज्ञानिक खोजों की गति तेज होगी और प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों को बाजार तक पहुंचाने का समय कम किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि भारत में हो रहे उत्कृष्ट शोध कार्यों को तेजी से व्यावसायिक उपयोग में लाने की आवश्यकता है, ताकि देश वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और मजबूत बन सके।

डीप टेक क्षेत्र को मिलेगा फंड का बड़ा हिस्सा

मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा शुरू की गई 10,000 करोड़ रुपये की फंड ऑफ फंड्स योजना की दूसरी किश्त का लगभग पूरा हिस्सा डीप टेक क्षेत्र में काम कर रहे नवाचारकर्ताओं और कंपनियों के लिए समर्पित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह कदम कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उन्नत प्रौद्योगिकी, अनुसंधान आधारित समाधान और भविष्य की तकनीकों पर काम कर रहे स्टार्टअप्स को नई गति देगा।

मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने की सलाह

गोयल ने उद्योग जगत से हाल के वर्षों में भारत द्वारा किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) का अधिकतम लाभ उठाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि इन समझौतों के जरिए भारतीय कंपनियों के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान हुई है और निर्यात बढ़ाने के नए अवसर पैदा हुए हैं।

मंत्री ने विदेशों में कार्यरत भारतीय शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और नवाचारकर्ताओं को भी भारत लौटकर योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में अनेक भारतीय प्रतिभाएं नई तकनीकों और उत्पादों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए मांगे सुझाव

पीयूष गोयल ने उद्योग जगत और निवेशकों से कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव देने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार निवेश और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार सुधारों पर काम कर रही है और निजी क्षेत्र की भागीदारी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा कि भारत आज ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां नवाचार, उद्यमिता, तकनीक और निवेश मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था में देश की भूमिका को नई दिशा दे सकते हैं।

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