नई दिल्लीः सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया। ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते की पुष्टि तथा कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगभग एक प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 736.38 अंक यानी 0.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,264.33 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 231 अंक यानी 0.98 प्रतिशत चढ़कर 23,853.90 अंक पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान निफ्टी कुछ समय के लिए 24,000 अंक के स्तर के पार भी निकल गया था।
लगभग सभी सेक्टरों में रही खरीदारी
बाजार में व्यापक तेजी देखने को मिली। निफ्टी के अधिकांश सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। रियल्टी इंडेक्स में सबसे अधिक तीन प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा वित्तीय सेवाएं, ऑटोमोबाइल और सीमेंट क्षेत्र के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई।
हालांकि फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर अपेक्षाकृत कमजोर रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप हेल्थकेयर शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला।
इन शेयरों ने बढ़त में दिया बड़ा योगदान
बीएसई में ट्रेंट, इंडिगो, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, इटरनल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, टाइटन और इंफोसिस जैसे शेयर प्रमुख बढ़त दर्ज करने वालों में शामिल रहे।
दूसरी ओर एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा और अडाणी पोर्ट्स के शेयरों में कमजोरी देखी गई।
तेल की कीमतों में गिरावट बनी सबसे बड़ा कारण
सहजमनी के संस्थापक, वित्तीय योजनाकार और सेबी पंजीकृत निवेश सलाहकार अभिषेक कुमार के अनुसार, सोमवार को बाजार में जारी तेजी की सबसे बड़ी वजह सप्ताहांत में ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते की पुष्टि रही।
उन्होंने कहा कि इस समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के जल्द खुलने की उम्मीद बढ़ी है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब पांच प्रतिशत की गिरावट आई और यह लगभग 83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। तेल सस्ता होने से भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
अभिषेक कुमार ने बताया कि रुपये में भी मजबूती देखने को मिली और यह 94.68 के स्तर तक पहुंच गया, जो 8 मई के बाद का सबसे मजबूत स्तर माना जा रहा है।
निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर अहम
बाजार विश्लेषक विपिन दीक्षेना का कहना है कि निफ्टी ने मजबूत वापसी की है और अब 23,950 से 24,000 अंक के महत्वपूर्ण प्रतिरोध क्षेत्र के करीब पहुंच चुका है।
उन्होंने बताया कि सूचकांक 50-ईएमए के ऊपर कारोबार कर रहा है, जो निकट अवधि में तेजी के संकेत देता है। हालांकि आरएसआई ओवरबॉट क्षेत्र के करीब पहुंचने से कुछ मुनाफावसूली या सीमित दायरे में कारोबार की संभावना भी बनी हुई है।
उनके मुताबिक भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट ने बाजार को मजबूती दी है। यदि निफ्टी 24,000 अंक के स्तर को निर्णायक रूप से पार कर लेता है तो आगे और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं 23,640 अंक का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र बना हुआ है, जहां से बाजार अगली बढ़त के लिए आधार तैयार कर सकता है।
निवेशकों में लौटा भरोसा
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और वैश्विक स्तर पर जोखिम घटने से निवेशकों का रुझान फिर से इक्विटी बाजार की ओर बढ़ा है। यही कारण है कि बड़े शेयरों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
फिलहाल बाजार की नजरें वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और निफ्टी के 24,000 अंक के स्तर पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले दिनों की दिशा तय कर सकते हैं।
(समाचार एई समय कहीं भी निवेश करने की सलाह नहीं देता है। शेयर बाजार या किसी भी निवेश में जोखिम होता है। निवेश से पहले पूरी जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है। यह खबर केवल शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।)