नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने प्याज उत्पादक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए बफर स्टॉक तैयार करने के उद्देश्य से मिनिमम एश्योर्ड प्रोक्योरमेंट प्राइस (एमएपीपी) बढ़ा दिया है। अब सरकार प्याज की खरीद 1,580 रुपये प्रति क्विंटल के बजाय 1,650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करेगी। नई दर 13 जून 2026 (शनिवार) से लागू हो गई है।
यह निर्णय केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि मौजूदा मंडी भाव और भंडारण के लिए उपयुक्त गुणवत्ता वाले प्याज को ध्यान में रखते हुए नई खरीद कीमत तय की गई है।
खरीद प्रक्रिया में भी किए गए बदलाव
सरकार ने केवल खरीद मूल्य ही नहीं बढ़ाया है, बल्कि प्याज खरीदने की प्रक्रिया में भी कुछ बदलाव किए हैं। इन परिवर्तनों का उद्देश्य सरकारी खरीद को बाजार मूल्य और गुणवत्ता मानकों के साथ अधिक संतुलित बनाना है।
चालू सीजन के लिए सरकारी स्तर पर प्याज की खरीद 15 मई से शुरू हो चुकी है और अब संशोधित मूल्य के साथ यह प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
3,000 रुपये प्रति क्विंटल की मांग पर कायम किसान संगठन
हालांकि सरकार ने खरीद मूल्य बढ़ाया है लेकिन किसान संगठनों ने इसे पर्याप्त नहीं माना है। विशेष रूप से महाराष्ट्र के किसान संगठनों का कहना है कि प्याज की उत्पादन लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है इसलिए 3,000 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम खरीद मूल्य निर्धारित किया जाना चाहिए।
किसानों का तर्क है कि मौजूदा 1,650 रुपये प्रति क्विंटल की दर बढ़ती लागत के मुकाबले काफी कम है और इससे उन्हें उचित लाभ नहीं मिल पाएगा।
प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड के तहत बनता है बफर स्टॉक
केंद्र सरकार हर वर्ष प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड (पीएसएफ) के तहत प्याज खरीदकर बफर स्टॉक तैयार करती है। जब बाजार में प्याज की आपूर्ति कम हो जाती है या कीमतों में असामान्य वृद्धि होती है, तब इसी भंडारित प्याज को बाजार में उतारा जाता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को बाजार में होने वाले अत्यधिक उतार-चढ़ाव से राहत देना और कीमतों को नियंत्रित रखना है।
2026-27 में 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य
सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य तय किया है। पिछले सीजन में यह लक्ष्य 3 लाख टन था, यानी इस बार खरीद का लक्ष्य कम रखा गया है।
सरकारी अनुमान के अनुसार, 2025-26 के दौरान देश में प्याज का कुल उत्पादन 307.37 लाख टन रहने की संभावना है। यह पिछले वर्ष के 307.67 लाख टन उत्पादन की तुलना में थोड़ा कम है।