दक्षिण बंगाल में निर्धारित समय से 4 दिन पहले ही मानसून प्रवेश कर चुका है। कई जिलों में शुक्रवार (12 जून) से ही बारिश शुरू हो गयी है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार (13 जून) को उत्तर और दक्षिण दोनों बंगाल में ही भारी बारिश होने की संभावना है।
इसके साथ ही तेज हवाओं के बहने की आशंका भी जतायी गयी है। वहीं दूसरी अल-नीनो (El Nino) की परिस्थिति की वजह से देश में बारिश का मानचित्र ही बदलने की संभावना जतायी गयी है। बताया जाता है कि इसके प्रभाव से कहीं विलंब से बारिश, कहीं कम बारिश तो कहीं असमय अतिवृष्टि जैसी परेशानी पैदा हो सकती है।
ऐसे में आशंका जतायी जा रही है कि निर्धारित समय से पहले दक्षिण बंगाल में मानसून का प्रवेश कहीं अल नीनो प्रभाव का ही परिणाम तो नहीं है?
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उत्तर-दक्षिण बंगाल और कोलकाता में आज का मौसम
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार (13 जून) को कोलकाता में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। आज (13 जून) कोलकाता में न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
आज बांकुड़ा, पुरुलिया, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर, झारग्राम, पश्चिम बर्धमान, उत्तर और दक्षिण 24 परगना में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों में दक्षिण बंगाल में भारी बारिश और तापमान में वृद्धि की संभावनाओं से इनकार किया है।
वहीं शनिवार (13 जून) को दार्जिलिंग समेत उत्तर बंगाल के 5 जिलों में भारी बारिश की आशंका है। इसके साथ यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं बह सकती हैं।
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हो चुकी है अल नीनो की शुरुआत
मौसम विभाग (IMD) ने प्रशांत महासागर में आधिकारिक तौर पर अल नीनो प्रभाव के बनने की घोषणा कर दी है। सिर्फ इतना ही नहीं, आशंका जतायी गयी है कि अल नीनो की वजह से मानसूनी हवाएं और भी अधिक शक्तिशाली होंगी।
बताया जाता है कि समुद्र और वायुमंडल दोनों ही जगहों में अब स्पष्ट रूप से अल नीनो की स्थिति की शुरुआत हो चुकी है। जून 2026 में प्रशांत महासागर के समुद्र के ऊपरी स्तर का तापमान अल नीनो की सीमा से ऊपर जा चुका है। साथ ही abp news की मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अल नीनो का महत्वपूर्ण सूचक Nino 3.4 Index की 3 महीने के औसत मानदंड +0.5 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा चुका है।
इसकी वजह से ही आधिकारिक तौर पर अल नीनो के शुरुआत की घोषणा कर दी गयी है। बताया जाता है कि 11 जून से अल नीनो परिस्थिति की शुरुआत प्रशांत महासागर में हुई है।