कमरहट्टी के तृणमूल विधायक मदन मित्रा के कई घरों में शनिवार (13 जून) की सुबह ED ने छापेमारी की। उनके जिन घरों में ED के अधिकारी छापेमारी कर रहे हैं उनमें भवानीपुर का घर, कमरहट्टी का घर, जोका का घर शामिल हैं। बताया जाता है कि उनके तीनों ठिकानों को केंद्रीय बल के जवानों ने घेर रखा है।
इसके साथ ही संतोषपुर में एक क्लब और बेलियाघाटा में एक व्यवसायी के मकान समेत कुछ 8 ठिकानों पर ED की तलाशी अभियान जारी है। केंद्रीय जांच एजेंसी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार निगम नियुक्ति में भ्रष्टाचार के मामले की जांच के तहत यह छापेमारी की जा रही है। उनपर 125 से अधिक अवैध नियुक्तियां करने का आरोप है।
#WATCH | West Bengal | Enforcement Directorate is conducting searches at seven premises related to Madan Mitra, MLA TMC and former Minister in the alleged municipality recruitment scam. He is allegedly linked to more than 125 such illegal appointments
” ANI (@ANI) June 13, 2026
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हालांकि ED की तलाशी के दौरान मदन मित्रा घर पर मौजूद हैं अथवा नहीं इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। इससे पहले उनके घर पर CID की टीम भी पहुंची हुई थी। उनके कमरहट्टी स्थित घर पर जाकर जांच एजेंसी के अधिकारियों ने नोटिस दिया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नियुक्ति भ्रष्टाचार के सभी मामलों में मदन मित्रा को नोटिस दिया गया है। उन्हें पूछताछ के लिए भी बुलाए जाने की संभावना जतायी गयी है।
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हालांकि उन्हें कब बुलाया जा सकता है इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। मदन मित्रा के साथ ही शुक्रवार (12 जून) को विधानसभा में हस्ताक्षर विवाद में बेलियाघाटा के विधायक कुणाल घोष को भी नोटिस दिया गया है। उन्हें रविवार (14 जून) को भवनी भवन में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। गौर करने वाली बात है कि उसी दिन अभिषेक बनर्जी को भी भवनी भवन में CID ने समन किया गया है।
शनिवार की सुबह एक ओर जहां मदन मित्रा के घर पर ED की छापेमारी चल रही है वहीं दूसरी ओर भोर के समय अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित निवास पर शालबनी थाना की पुलिस के साथ कालीघाट थाना और केंद्रीय बल तलाशी लेने पहुंचे।
पुलिस की तलाशी अभियान की बात को तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने स्वीकार भी किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस उनके सहायक सुमित राय की तलाश में वहां पहुंची थी जिन पर रुपए वसूलने से लेकर रुपयों के बदले में चुनाव का टिकट देने तक का आरोप लगाया जा रहा है।