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हस्ताक्षर विवाद में कुणाल घोष को CID ने पूछताछ के लिए बुलाया, मदन मित्रा को भी मिला नोटिस

विधानसभा हस्ताक्षर विवाद में रविवार को सीआईडी ने कुणाल घोष और अभिषेक बनर्जी दोनों को ही भवानी भवन में पूछताछ के लिए बुलाया है।

By Moumita Bhattacharya, Somnath Mondal

Jun 13, 2026 00:37 IST

विधानसभा में विधायकों के हस्ताक्षर नकल करने को लेकर चल रहे विवाद में अब बेलियाघाटा के तृणमूल विधायक कुणाल घोष को CID ने तलब किया है। शुक्रवार (12 जून) को उन्हें नोटिस भेजा गया। उनसे रविवार (14 जून) की दोपहर को 2.30 बजे भवानी भवन में पेश होने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही कमरहट्टी के विधायक मदन मित्रा को भी नोटिस भेजा गया है।

हालांकि उन्हें अभी तक पेश होने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। गौरतलब है कि रविवार (14 जून) को फिर से तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को भवानी भवन में पेश होने के लिए CID ने तलब किया है।

गौरतलब है कि विधानसभा में विरोधी पार्टी के नेता के तौर पर बालीगंज के विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय को चुनकर स्पीकर रथीन बसु को तृणमूल ने पत्र लिखा था। इसके बाद ही विवाद की शुरुआत हो गयी। कई तृणमूल विधायकों ने दावा किया कि इस पत्र में उनका नाम तो है लेकिन उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किया था।

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इसके बाद हेयर स्ट्रीट थाना में मामला दायर हुआ। बाद में घटना की जांच की जिम्मेदारी CID को सौंप दी गयी। आरोप लगाया गया कि विधान परिषदिय इस पत्र में सांसद अभिषेक बनर्जी का हस्ताक्षर था। इसके बाद CID ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए तलब किया था। 3 बार नोटिस मिलने के बाद विभिन्न कारणों से वह पेशी को टालते रहे। आखिरकार कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर वह गुरुवार (11 जून) को भवानी भवन पहुंचे।

उनसे लगभग 5 घंटे तक पूछताछ की गयी और CID ने रविवार यानी 14 जून को फिर से हाजिर होने का निर्देश दिया। अब उसी दिन कुणाल घोष को भी तलब किया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभिषेक बनर्जी को दोपहर 12 और कुणाल घोष को दोपहर 2.30 बजे हाजिर होने का निर्देश दिया गया है।

CID ने इस मामले में मदन मित्रा को भी नोटिस तो भेजा है। संभावना जतायी जा रही है कि उन्हें भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है लेकिन अभी तक पूछताछ की तारीख का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।

बता दें, इसी विवाद के बाद तृणमूल के लगभग 58 विधायकों के साथ ऋतव्रत बंद्योपाध्याय बागी हो गए। बागी विधायकों का दावा है कि वे ही मुख्य तृणमूल हैं।

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