कोलकाताः पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता में शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए अराजक तत्वों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में हिंसा, तोड़फोड़, पुलिस पर हमले और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह कानून को चुनौती देने या राज्य में अशांति फैलाने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के शासन को सर्वोच्च मानती है और इस मामले में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री के अनुसार, सत्ता संभालने के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि गुंडागर्दी, राजनीतिक हिंसा और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि हाल के महीनों में उठाए गए कदमों से यह संदेश गया है कि राज्य में अब कानून तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है और पुरानी कार्यशैली को जारी नहीं रहने दिया जाएगा।
पार्क सर्कस और आसनसोल घटनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने हाल में हुई कुछ घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्क सर्कस और आसनसोल जैसे मामलों में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।
उन्होंने बताया कि पार्क सर्कस में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध के दौरान पथराव और हिंसक प्रदर्शन की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचा और कई पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक या अन्य किसी भी प्रकार के नारों की आड़ में सड़क जाम, हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नुकसान की भरपाई भी कराई जाएगी
सरकार केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहती। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से आर्थिक क्षतिपूर्ति भी वसूली जा सकती है। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों को उनके कृत्यों की कीमत चुकानी होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए जाएंगे।
अवैध घुसपैठ पर सख्त नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अवैध घुसपैठ को लेकर भी गंभीर है और इस दिशा में कड़ी नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ रणनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
उन्होंने भरोसा जताया कि कानून-व्यवस्था, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाकर राज्य को नई दिशा देने का प्रयास जारी रहेगा।
सरकार का संदेश साफ
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बयान से यह संकेत मिला है कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सख्त रुख बनाए रखने के पक्ष में है। साथ ही विकास परियोजनाओं, सीमा सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों को भी समान महत्व दिया जा रहा है। आने वाले समय में सरकार की प्राथमिकता शांति, सुरक्षा और विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की रहेगी।