🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

केन विलियमसन ने लिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास, 16 साल के शानदार करियर का अंत

न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा रन, शतक और दोहरे शतक का रिकॉर्ड।

By शिखा सिंह

Jun 12, 2026 17:12 IST

नई दिल्ली : न्यूजीलैंड क्रिकेट के इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाने वाले और देश के सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी केन विलियमसन ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से तत्काल प्रभाव से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उनके इस फैसले के साथ 16 वर्षों तक चले एक शानदार और यादगार अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन हो गया।

न्यूजीलैंड क्रिकेट (एनजेडसी) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय विलियमसन ने अपने देश के लिए कुल 378 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और बल्लेबाजी के कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किए। उन्होंने अपने करियर में 19,346 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए, जो न्यूजीलैंड के किसी भी खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सर्वाधिक रन हैं। इस दौरान उन्होंने 48 शतक और छह दोहरे शतक भी लगाए।

विलियमसन के संन्यास का मतलब है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट श्रृंखला में अब हिस्सा नहीं लेंगे। उनकी जगह टीम में किस खिलाड़ी को शामिल किया जाएगा, इसकी घोषणा बाद में की जाएगी।

कप्तान के रूप में भी रचा इतिहास

केन विलियमसन केवल एक महान बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि एक सफल और सम्मानित कप्तान भी रहे। वर्ष 2016 से 2024 के बीच उन्होंने तीनों प्रारूपों में न्यूजीलैंड टीम की कप्तानी की और इस दौरान टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में स्वर्णिम दौर देखा।

उनकी कप्तानी में न्यूज़ीलैंड ने दो आईसीसी विश्व कप फाइनल, तीन सेमीफाइनल खेले और वर्ष 2021 में उद्घाटन आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब भी जीता।

वर्ष 2010 में ब्लैककैप्स के लिए पदार्पण करने वाले विलियमसन ने पिछले वर्ष नवंबर में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। अब उन्होंने पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है।

संन्यास को लेकर क्या बोले विलियमसन?

विलियमसन ने कहा,“मैं काफी समय से इस बारे में सोच रहा था, लेकिन पिछले कुछ दिनों में मुझे यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि अब सही समय आ गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के प्रति मेरे भीतर हमेशा गहरा जुनून और भूख रही है। मुझे गर्व है कि मैंने न्यूज़ीलैंड के लिए खेले हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।”

उन्होंने आगे कहा की अगर मैं पहले जैसी प्रतिबद्धता और ऊर्जा नहीं दे सकता, तो आगे खेलना सही नहीं होगा। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे अपने निर्णय के अनुसार इस यात्रा को समाप्त करने का अवसर मिला।

विलियमसन ने टीम के भविष्य को लेकर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड टीम में अपार प्रतिभा मौजूद है और यह समूह आने वाले समय में कुछ विशेष हासिल करने की क्षमता रखता है। यह टीम मेरे दिल के बेहद करीब है। इतने लंबे समय तक इसका हिस्सा बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही है। मैं हमेशा इस टीम से जुड़ा रहूंगा।”

न्यूजीलैंड टीम के मुख्य कोच रॉब वॉल्टर ने विलियमसन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके साथ काम करना सौभाग्य की बात रही। जिस किसी को भी केन के साथ काम करने का अवसर मिला है, वह जानता है कि वह कितने विशेष खिलाड़ी और इंसान हैं। उनकी बल्लेबाजी क्षमता और आंकड़े स्वयं उनकी महानता को दर्शाते हैं, लेकिन उनकी असली विरासत टीम संस्कृति और मूल्यों पर पड़े उनके प्रभाव में दिखाई देगी।

वॉल्टर ने कहा कि विलियमसन हमेशा टीम को प्राथमिकता देते रहे और उनकी सोच तथा नेतृत्व आने वाले वर्षों तक न्यूज़ीलैंड क्रिकेट की पहचान का हिस्सा बने रहेंगे।

रिकॉर्डों से भरा रहा करियर

केन विलियमसन का करियर उपलब्धियों से भरा रहा। उन्हें वर्ष 2015 में आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर और वर्ष 2019 में आईसीसी टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया था। इसके अलावा उन्होंने रिकॉर्ड चार बार सर रिचर्ड हैडली मेडल भी जीता। विलियमसन न्यूजीलैंड के लिए सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय रन (19,346), सबसे अधिक शतक (48) और सबसे अधिक दोहरे शतक (6) लगाने वाले खिलाड़ी हैं।

टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 9,515 रन बनाए, जिसमें 33 शतक और छह दोहरे शतक शामिल हैं। वह लगातार चार टेस्ट मैचों में शतक लगाने वाले न्यूज़ीलैंड के पहले बल्लेबाज भी बने।

वनडे क्रिकेट में उन्होंने 7,256 रन और 14 शतक बनाए, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम 2,575 रन दर्ज हैं।

उनका टेस्ट बल्लेबाजी औसत 54.06 रहा, जो कम से कम 20 टेस्ट खेलने वाले किसी भी न्यूज़ीलैंड बल्लेबाज में सर्वश्रेष्ठ है। वनडे में उनका औसत 48.69 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 33 रहा।

इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 217 कैच भी लपके और टॉम लैथम तथा टिम साउदी के साथ संयुक्त रूप से न्यूजीलैंड के लिए सबसे अधिक 47 टेस्ट जीत का हिस्सा बने।

कप्तानी में भी शानदार उपलब्धियां

विलियमसन ने न्यूजीलैंड की कप्तानी करते हुए 40 टेस्ट मैचों में 22 जीत दर्ज कीं। वनडे में उनकी कप्तानी में टीम ने 91 मैचों में 46 जीत हासिल की। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वह न्यूज़ीलैंड के सबसे सफल कप्तान रहे, जिन्होंने 75 मैचों में 39 जीत दिलाई।

उनकी कप्तानी में न्यूजीलैंड ने:

2016 टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल खेला

2019 क्रिकेट विश्व कप का फाइनल खेला

2021 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीती

2021 टी20 विश्व कप का फाइनल खेला

2022 टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल खेला

2023 क्रिकेट विश्व कप का सेमीफाइनल खेला

व्यक्तिगत सम्मान भी रहे खास

केन विलियमसन को 2019 क्रिकेट विश्व कप का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। उसी वर्ष उन्हें आईसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर का सम्मान भी मिला। वर्ष 2018 में उन्हें आईसीसी स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

वर्ष 2016 में वह इतिहास के सबसे युवा और सबसे तेज बल्लेबाज बने जिन्होंने सभी प्रमुख टेस्ट खेलने वाले देशों के खिलाफ शतक लगाए।

उन्हें 2015 में विजडन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड भी चुना गया था। उन्होंने चार बार सर रिचर्ड हैडली मेडल अपने नाम किया।

दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2010 में भारत के खिलाफ अहमदाबाद में अपने टेस्ट पदार्पण मैच में ही उन्होंने शतक जड़ दिया था। इसी उपलब्धि के साथ उन्होंने अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत की थी, जो अब क्रिकेट इतिहास के सबसे सम्मानित अध्यायों में शामिल हो चुका है।

Articles you may like: