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अमेरिका ने पैराग्वे को 4-1 से हराकर किया दमदार आगाज

जियो रेयना के इंजरी टाइम गोल ने अमेरिका की शानदार जीत पर लगाई मुहर।

अमेरिका ने फीफा विश्व कप 2026 के अपने अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में करते हुए पैराग्वे को 4-1 से हराकर बड़ा संदेश दिया है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले मेजबान अमेरिका को लेकर कई तरह की चर्चाएं, दबाव और भारी उम्मीदें थीं, लेकिन मैदान पर टीम ने इन सभी बातों को पीछे छोड़ते हुए आत्मविश्वास से भरपूर प्रदर्शन किया।

कई वर्षों बाद अमेरिका में विश्व कप की वापसी के साथ एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। हालांकि आयोजन को लेकर बहस और अपेक्षाओं का माहौल था, लेकिन मौरिसियो पोचेत्तीनो की टीम ने मैच की शुरुआत से ही दिखा दिया कि वह बड़े मंच के लिए पूरी तरह तैयार है। अमेरिका ने शुरुआत से ही खेल पर नियंत्रण स्थापित किया और पैराग्वे को 4-1 से हराकर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए।

शुरुआत से ही आक्रामक दिखा अमेरिका

मुकाबले के पहले मिनट से ही अमेरिका ने आक्रामक फुटबॉल खेली। फोलारिन बालोगुन और क्रिश्चियन पुलिसिक के नेतृत्व में अमेरिकी टीम ने पैराग्वे की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया। तेज़ पासिंग, खिलाड़ियों की लगातार पोजिशन बदलने की रणनीति और सामूहिक आक्रमण ने विपक्षी टीम को शुरुआत से ही मुश्किल में डाल दिया।

अमेरिका के इस दबाव का असर जल्द ही स्कोरबोर्ड पर दिखाई दिया। मैच के सातवें मिनट में पैराग्वे के डेमियन बोबाडिला ने दबाव में आकर आत्मघाती गोल कर दिया। हालांकि गोल उनके नाम दर्ज हुआ, लेकिन यह पूरी तरह अमेरिकी टीम के लगातार हमलों का परिणाम था।

बालोगुन के दो गोल से मैच हुआ एकतरफा

पहला गोल मिलने के बाद अमेरिका का आत्मविश्वास और बढ़ गया। पैराग्वे की रक्षापंक्ति बार-बार बिखरती दिखाई दी और अमेरिकी खिलाड़ी लगातार मौके बनाते रहे।

मैच के 31वें मिनट में क्रिश्चियन पुलिसिक ने शानदार पास दिया, जिस पर फोलारिन बालोगुन ने बेहतरीन वन-टच फिनिश करते हुए टीम की बढ़त दोगुनी कर दी। इसके बाद पहले हाफ के अंतिम क्षणों में अमेरिका ने एक और बड़ा हमला किया। मलिक टिलमैन के सटीक थ्रू बॉल पर बालोगुन ने अपनी गति और कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा गोल दाग दिया।

हाफ टाइम तक अमेरिका 3-0 की मजबूत बढ़त बना चुका था और मुकाबला लगभग उसके पक्ष में झुक चुका था।

दूसरे हाफ में पैराग्वे की कोशिश, लेकिन अमेरिका का दबदबा कायम

दूसरे हाफ में पैराग्वे ने वापसी की कोशिश की और मिडफील्ड में अपनी गति बढ़ाई। इसके परिणामस्वरूप टीम ने 73वें मिनट में एक गोल कर अंतर कम किया। एक सुनियोजित हमले के बाद मॉरिसियो ने गोल दागकर स्कोर 3-1 कर दिया।

हालांकि इसके बावजूद अमेरिका ने मैच पर अपनी पकड़ ढीली नहीं पड़ने दी। गेंद पर नियंत्रण, सटीक पासिंग और लगातार हमलों के दम पर अमेरिकी टीम पूरे समय बेहतर नज़र आई।

इंजरी टाइम में अमेरिका ने एक बार फिर आक्रमण किया और मैच समाप्त होने से ठीक पहले जियो रेयना ने चौथा गोल दाग दिया। इस गोल के साथ अमेरिका ने 4-1 की शानदार जीत दर्ज की और अपने अभियान की शुरुआत यादगार बना दी।

कुल मिलाकर अमेरिका ने केवल मैच नहीं जीता, बल्कि अपनी तेज रफ्तार, आक्रामक शैली और दबाव बनाने की क्षमता के दम पर पूरे विश्व कप को यह संकेत दे दिया कि वह इस बार टूर्नामेंट में बड़ा कारनामा करने की तैयारी के साथ उतरा है।

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